इंग्लैंड के कप्तान जो रूट (Joe Root) ने अपने 100वें टेस्ट को हर मायने में यादगार बना लिया है. काफी लंबे समय से वर्ल्ड क्रिकेट में बेस्ट 4 की चर्चा थम गई थी. टेस्ट में रूट का प्रदर्शन कुछ फीका होने से उनका टेस्ट करियर औसत भी 50 के नीचे आ गया था. लेकिन अपने 98वें, 99वें और 100वें टेस्ट में दो दोहरे शतक समेत लगातार 3 बार 150 से अधिक रन बनाने से उनका औसत एक बार फिर 50 पार हो गया है. Also Read - India vs England: अक्षर की तारीफ करते-करते ये गुजरात को लेकर क्या बोल गए विराट कोहली! क्यों आई रविंद्र जडेजा की याद

अपने 50प्लस के औसत के साथ ही रूट भारतीय कप्तान विराट कोहली (Virat Kohli), ऑस्ट्रेलिया के स्टार बल्लेबाज स्टीव स्मिथ (Steve Smith) और न्यूजीलैंड के कप्तान केन विलियमसन (Kane Williamson) के साथ 50 से अधिक की औसत से रन बनाने वाले बल्लेबाज बन गए हैं. रूट की इस बेहतरीन पारी के बाद वर्ल्ड क्रिकेट में एक बार फिर यह चर्चा छिड़ गई है कि वर्ल्ड क्रिकेट में बेस्ट 4 बल्लेबाजों में कौन-कौन शुमार हैं. कुछ समय पहले तक रूट का नाम चर्चा से बाहर था और तब वर्ल्ड क्रिकेट के बेस्ट 3 ही गिने जा रहे थे. Also Read - Ind vs Eng: इंग्लैंड को हरा MS Dhoni से आगे निकले कोहली, मोटेरा के मैदान पर टूटे कई रिकॉर्ड

भारत के खिलाफ शनिवार को अपने करियर का 5वां दोहरा शतक जड़ने से पहले रूट ने श्रीलंका दौरे पर 228 और 186 रनों की पारी खेली थी. उन्होंने इससे पहले, 13 टेस्ट पारियों में केवल 4 ही अर्धशतक लगाए थे. इस समय उनका औसत 50.16 का है, जबकि इस मैच से पूर्व 49.39 था. इस टेस्ट मैच से पहले रूट ने कहा था कि कोहली, स्मिथ और विलियमसन उनसे ऊपर हैं और वह बिग फोर (विश्व के चार बेस्ट बल्लेबाज) में वापसी करना चाहते हैं. Also Read - इंग्लैंड के खिलाफ जीत के बाद भी इस बात ने नाराज हैं कप्तान कोहली; बल्लेबाजी को लेकर कही ये बात

century in 100th test

ये हैं 100वें टेस्ट में शतक जमाने वाले बल्लेबाज @ICCTwitter

रूट ने पहले दिन की खेल समाप्ति के बाद कहा था, ‘मुझे लगता है कि मैं अच्छी फॉर्म में हूं और मुझे इसे पर भुनाने की जरूरत है. अपने करियर के दौरान, मैं हमेशा आगे बढ़ा और बड़े स्कोर बनाए. मेरे लिए ऐसा हो रहा है और वर्तमान में बहुत सुखदायक है.’ इंग्लैंड के कप्तान ने अपनी बल्लेबाजी में सुधार का श्रेय अपनी फिटनेस और तकनीक पर काम करने को दिया

उन्होंने कहा, ‘मैंने कुछ तकनीकी चीजों पर काम किया. मैंने अपने खेल के कुछ क्षेत्रों को देखा. पारी के कुछ निश्चित समय में मैं कैसे आउट हो रहा था, इसके कुछ रुझानों को देखा. मैंने चीजों को बेहतर बनाने और एक खिलाड़ी के रूप में विकसित करने की कोशिश की. यह अच्छी तरह से काम कर रहा है और फिर चुनौती हर बार बेहतर हो रही है.’

इनपुट : IANS