ऑस्ट्रेलिया दौरे पर अपनी बैटिंग के दम पर बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी (Border Gavaskar Trophy) में टीम इंडिया की जीत में अहम भूमिका निभाने वाले युवा विकेटकीपर बल्लेबाज रिषभ पंत (Rishabh Pant) का निगाहें अब इंग्लैंड के खिलाफ घरेलू टेस्ट सीरीज पर हैं. भारतीय टीम के बल्लेबाजी कोच विक्रम राठौड़ (Vikram Rathour) भी यह मानते हैं कि आने वाले समय में पंत भारत के लिए अपनी बल्लेबाजी क्षमताओं के बल पर अहम रोल निभाएंगे.Also Read - Rohit Sharma को बनाया जाए टेस्ट कप्तान लेकिन उनकी फिटनेस गंभीर मसला: Ravi Shastri

लेकिन भारतीय पिचों पर पंत को विकेटकीपिंग के लिए पहली पंसद का खिलाड़ी नहीं माना जाता है. टर्निंग ट्रैक पर उनकी विकेटकीपिंग हमेशा ही आलोचकों के निशाने पर रहती है. ऐसे में कई जानकार मान रहे हैं कि इंग्लैंड के (India vs England Test Series) खिलाफ आगामी घरेलू टेस्ट सीरीज में पंत को बतौर बल्लेबाज टीम में चुना जा सकता है, जबकि रिद्धिमान साहा (Wriddhiman Saha) बतौर विकेटकीपर टीम में अपनी भूमिका निभाएंगे. Also Read - ...हमने वो मैच भी गिफ्ट कर दिए जो आसानी से जीत सकते थे, मदन लाल ने टीम इंडिया की लगाई क्‍लास

टीम इंडिया के बल्लेबाजी कोच विक्रम राठौड़ ने अंग्रेजी दैनिक हिंदुस्तान टाइम्स को दिए इंटरव्यू में पंत के खेल पर बात करते हुए बताया, ‘उनका रोल आगे बहुत ज्यादा महत्वपूर्ण होने जा रहा है. हम हमेशा यह मानते हैं कि वह एक असाधारण खिलाड़ी हैं.’ Also Read - IND vs SA- साउथ अफ्रीका से बुरी हार के बाद बोले कोच Rahul Dravid- खिलाड़ियों को सुरक्षा देंगे लेकिन हमें भी चाहिए अच्छा प्रदर्शन

भारत में विदेशी टीमों के लिए टर्निंग ट्रैक ही बनाए जाते हैं. ऐसे में पंत विकेटकीपिंग के लिए टीम मैनेजमेंट की पहली पसंद तो कतई नहीं होंगे. लेकिन जिस प्रकार बैटिंग फॉर्म में वह इस वक्त हैं उन्हें किसी भी कप्तान के लिए प्लेइंग XI से बाहर रखना भी मुश्किल होगा. ऑस्ट्रेलिया में उन्होंने सिडनी में 97 और ब्रिसबेन में नाबाद 89 रन की अहम पारियां खेलकर खुद को साबित किया था.

पंत की इन दो बेहतरीन पारियों की बदौलत भारत को सिडनी टेस्ट ड्रॉ कराने में मदद मिली, जबकि ब्रिसबेन में उसे जीत मिली थी. ऐसे में इंग्लैंड के खिलाफ पंत को विकेटकीपर बल्लेबाज के रूप में न सही विशुद्ध बल्लेबाज के रूप में जगह मिलने की संभावना है. उनका लेफ्टहैंडर बल्लेबाज होना भी उनके पक्ष में जाता है.

हालांकि जब विक्रम राठौड़ से इस संभावना पर सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा, ‘जहां तक बतौर बल्लेबाज प्लेइंग XI में उनके खेलने का सवाल है, यह निर्णय उसी दिन लिया जाएगा, जब यह सवाल उठेगा.’

उन्होंने इस 23 वर्षीय बल्लेबाज की तारीफ करते हुए कहा, ‘पिछला साल उनके लिए काफी मुश्किल रहा था. लेकिन वह कड़ी मेहनत कर रहे थे. हम सभी को यह भरोसा है कि जो दिन उनका होगा, उस दिन वह मैच विनर हैं. पिछले दो मैचों में उन्होंने यह साबित भी किया है. उनका लेफ्टहैंडर होना निश्चितरूप से एक फायदेमंद बात है.’