लखनऊ: दांव पर सीरीज में जीत लगा था. पिछले मैच में छोटे लक्ष्‍य का पीछा करने उतरी टीम इंडिया की बल्‍लेबाजी लड़खड़ा गई थी. लेकिन लखनऊ में दूसरे मैच में दिवाली से एक दिन पहले टीम इंडिया के कप्‍तान रोहित शर्मा किसी बहाने की गुंजाइश नहीं रहने देना चाहते थे. उन्‍होंने कप्‍तान के रूप में हर काम सही किया, सिवाय टॉस जीतने के. लेकिन इस कमी को उन्‍होंने एक बल्‍लेबाज के रूप में ऐसा पूरा किया कि पहली पारी खत्‍म होने के बाद वेस्‍टइंडीज की टीम भी समझ चुकी थी कि सीरीज में बने रहने के लिए उसे किसी स्‍पेशल परफॉर्मेंस की दरकार है. लेकिन उसके बल्‍लेबाज रोहित के बेहतरीन बॉलिंग चेंज से पार नहीं पा सके और टीम 20 ओवर में 9 विकेट खोकर 124 रन ही जुटा पाई और टीम इंडिया ने एक मैच बाकी रहते हुए ही तीन मैचों की सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त बना ली.Also Read - IND vs WI: तीसरी लहर से विंडीज का दौरा भी होगा प्रभावित, BCCI कम करने जा रहा है वेन्‍यू

Also Read - IND vs NZ: MS Dhoni के गृहनगर में टी20 मुकाबले की सभी रुकावटें दूर, जनहित याचिका खारिज

Ind Vs WI : अचानक टूट गया कमेंट्री बॉक्‍स के दरवाजे का शीशा, बाल-बाल बचे गावस्‍कर और मांजरेकर Also Read - दूसरे टी20 के लिए रांची पहुंचे भारत-न्यूजीलैंड के खिलाड़ी; होटल से पवेलियन तक बना बायो बबल

रोहित ने कप्‍तान के रूप में अपनी फर्स्‍ट च्‍वॉइस तेज गेंदबाजों की जोड़ी मैदान पर उतारी. टॉस हारने के बाद वेस्‍टइंडीज में भारतीय टीम को पहले बैटिंग के लिए आमंत्रण दिया तो एक संदेह का माहौल था. इसका कारण यह था कि लखनऊ के इस मैदान पर 24 साल बाद अंतरराष्‍ट्रीय मुकाबला खेला जा रहा था. पिच के व्‍यवहार के बारे में कोई अनुमान लगाना मुश्किल था. रोहित ने पहले तीन ओवर कोई जोखिम नहीं उठाया. उस समय तक उन्‍होंने 11 गेंदों पर 4 रन बनाए थे. चौथे ओवर में स्पिनर पियरे की पहली गेंद पर चौका लगाने के बाद उन्‍होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा. थॉमस के अगले ओवर में छक्‍का लगाने के बाद उन्‍होंने लगातार शॉट्स लगाने का सिलसिला जारी रखा. दूसरे छोर पर शिखर धवन आक्रामक नहीं खेल पा रहे थे. वे अपनी टाइमिंग से परेशान थे. उन्‍होंने 41 गेंद पर 43 रन ही बनाए. इसके बावजूद उनके आउट होने तक भारत का स्‍कोर 14वें ओवर में 123 रन हो चुका था. रिषभ पंत ज्‍यादा देर नहीं टिक पाए और एक बार लगा कि वेस्‍टइंडीज भारत को 150 रनों के आसपास रोकने में कामयाब हो जाएगी. लेकिन रोहित ने दीवाली के पटाखे मैदान पर उतारने में कसर नहीं छोड़ी. 20 ओवर के अंत तक वे आउट नहीं हुए और के एल राहुल के साथ मिलकर टीम इंडिया का स्‍कोर 195 रनों तक पहुंचा दिया. रोहित ने 61 गेंदों पर 111 रनों की नाबाद पारी खेली. इसमें उन्‍होंने आठ चौके और सात छक्‍के लगाए.

रोहित ने लगाई रिकॉर्ड्स की झड़ी, बने अंतरराष्‍ट्रीय टी20 मैचों में चार शतक लगाने वाले अकेले खिलाड़ी

कठिन लक्ष्‍य का पीछा करने उतरी वेस्‍टइंडीज की शुरुआत बेहद खराब रही. शाई होप ने भुवनेश्‍वर कुमार के पहले ओवर में छक्‍का लगाया लेकिन अगले ओवर में बुमराह की गेंदबाजी पर अपना विकेट गंवा बैठे. हेटमायर ने कुछ अच्‍छे शॉट्स लगाए लेकिन लंबी पारी नहीं खेल पाए. छठे ओवर में 33 के स्‍कोर पर दूसरा विकेट गंवाकर कैरीबियाई टीम मुश्किल में आ गई थी. रही सही कसर ड्वेन ब्रावो ने पूरी कर दी जब आठवें ओवर में वे रोहित शर्मा को स्लिप में कैच थमा बैठे. 11वें ओवर में 68 के टीम स्‍कोर पर पोलार्ड के आउट होने के बाद वेस्‍टइंडीज की हार लगभग तय हो चुकी थी. कीमो पॉल ने कुछ बड़े शॉट्स लगाकर टीम का स्‍कोर 100 रनों के पार पहुंचाया, लेकिन अंतिम दो ओवर में वेस्‍टइंडीज के लिए 84 रनों की जरूरत रह गई थी और उसकी हार तय हो चुकी थी. अंतत: पूरी टीम भारत के दिए लक्ष्‍य से 71 रन दूर रह गई.

टीम इंडिया के लिए भुवनेश्‍वर कुमार, खलील अहमद, जसप्रीत बुमराह और कुलदीप यादव ने 2-2 विकेट लिए. रोहित शर्मा को उनकी रिकॉर्डतोड़ शतकीय पारी के लिए मैन ऑफ द मैच चुना गया.