चेन्‍नई वनडे में खराब शुरुआत के बावजूद भारतीय टीम इससे उबरकर सम्‍मानजनक स्‍कोर तक पहुंचने में कामयाब रहा. इसका कारण कोई और नहीं बल्कि चौथे नंबर पर श्रेयस अय्यर का खेलना है. अय्यर काफी हद तक वनडे में भारत की चौथे नंबर की समस्‍या को सुलझा चुके हैं. आंकड़े भी कुछ यही कहते हैं.

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चेन्‍नई में चौथे विकेट के लिए श्रेयस अय्यर और रिषभ पंत 114 रन की अहम साझेदारी बनी. अय्यर ने इस दौरान मुश्किल वक्‍त पर 88 गेंद पर 70 रन की अहम पारी खेली. वनडे क्रिकेट में यह लगातार तीसरी बार है जब भारतीय टीम ने चौथे विकेट के लिए शतकीय साझेदारी बनाई हो. हर बार अय्यर ने अहम भूमिका निभाई.

इससे पहले भारत के लिए चौथे विकेट के लिए लगातार तीन बार शतकीय साझेदारी साल 2004 में बनी थी. उस वक्‍त ऑस्‍ट्रेलिया दौरे के दौरान वीवीएस लक्ष्‍मण, युवराज सिंह और राहुल द्रविड़ की बल्‍लेबाजी के दौरान ऐसा हुआ था.

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चौथे नंबर के बल्‍लेबाज का नाम निश्चित नहीं होने के कारण विश्‍व कप 2019 के दौरान टीम इंडिया को इसका खामियाजा भुगतना पड़ा था. विश्‍व कप से करीब छह महीने पहले तक टीम मैनेजमेंट अंबाती रायडू को चौथे नंबर के लिए प्रोजेक्‍ट करता रहा, लेकिन उन्‍हें वर्ल्‍ड कप की टीम में जगह नहीं दी गई. टूर्नामेंट के बीच में भारतीय टीम में शामिल किए गए रिषभ पंत भी कुछ खास कमाल नहीं कर पाए. नतीजतन सेमीफाइनल में भारत को न्‍यूजीलैंड द्वारा दिए गए 240 रनों के स्‍कोर के सामने भी हार का सामना करना पड़ा था.