भारतीय टीम आज हैदराबाद में वेस्टइंडीज के खिलाफ पहले टी20 के साथ तीनों मैचों की इस घरेलू सीरीज की शुरुआत करने जा रही है। बीसीसीआई ने इस सीरीज के लिए विराट कोहली (Virat Kohli) की कप्तानी में 15 सदस्यीय स्क्वाड का ऐलान किया है। इस स्क्वाड में कुछ ऐसे खिलाड़ी हैं जिन्होंने पिछले कुछ समय में लगातार शानदार प्रदर्शन के जरिए फैंस और चयनकर्ताओं दोनों को प्रभावित कर आगामी टी20 विश्व कप के लिए मजबूत दावेदारी पेश की है। हालांकि कई खिलाड़ी ऐसे हैं जो फिलहाल मंझधार में हैं, ऐसे में वेस्टइंडीज के खिलाफ ये सीरीज उन खिलाड़ियों के लिए विश्व कप स्क्वाड में जगह पाने का मौका है। जानें कौन है वो भारतीय खिलाड़ी जिनके लिए ये सीरीज किसी अग्निपरीक्षा से कम नहीं होगी।

संजू सैमसन: केरल के इस विकेटकीपर बल्लेबाज कि किस्मत फिलहाल अच्छी है। यही कारण है कि शुरुआती स्क्वाड में शामिल ना होने के बावजूद सैमसन को शिखर धवन (Shikhar Dhawan) के चोटिल होने की वजह से आखिरकार वेस्टइंडीज के खिलाफ सीरीज में मौका मिल ही गया। वैसे तो सैमसन बांग्लादेश के खिलाफ टी20 सीरीज के लिए भी भारतीय स्क्वाड का हिस्सा थे लेकिन उन्हें प्लेइंग इलेवन में शामिल होने का एक भी मौका नहीं मिला था। हालांकि अब जबकि सलामी बल्लेबाज धवन चोटिल हैं तो सैमसन जो कि शीर्ष क्रम के अच्छे बल्लेबाज हैं उन्हें प्लेइंग इलेवन में जगह मिलने की संभावना बढ़ गई है। अगर सैमसन को इस सीरीज में एक भी मौका मिलता है तो उनकी पूरी कोशिश होगी कि वो इसका फायदा उठा सकें और ऑस्ट्रेलिया कि टिकट कटा सकें।

शिवम दुबे: टीम इंडिया में इस ऑलराउंडर खिलाड़ी का अब तक का सफर मिला-जुला रहा है। टीम के स्थाई तेज गेंदबाजी ऑलराउंडर हार्दिक पांड्या (Hardik Pandya) की जगह बांग्लादेश के खिलाफ सीरीज में डेब्यू करने वाले दुबे ने तीन मैचों में मात्र 10 रन ही बना पाए हैं। हालांकि उन्होंने नागपुर टी20 में शानदार तीन विकेट हॉल लेकर मैच का रुख पलट दिया था। वेस्टइंडीज सीरीज उनके लिए खुद को टी20 स्क्वाड में फिट करने का एक और मौका है। दुबे खुद भी जानते हैं कि पांड्या की जगह लेना बेहद मुश्किल है लेकिन वो अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन टी20 स्क्वाड में बतौर ऑलराउंडर तो जगह बना ही सकते हैं। ताकि वो पांड्या, जो पीठ की सर्जरी के बाद रीहैब के गुजर रहे हैं उनके पहले विकल्प बन सकें।

मनीष पांडे: साल 2015 में डेब्यू करने के बावजूद आज तक भारतीय टीम में स्थाई जगह ना पा सके मनीष पांडे (Manish Pandey) के लिए ये टी20 सीरीज शायद सभी से ज्यादा अहम है। पांडे भी बांग्लादेश के खिलाफ टी20 सीरीज के लिए टीम का हिस्सा थे और उन्हें नागपुर में खेले गए आखिरी मैच में बल्लेबाजी का मौका भी मिला था। छठें नंबर पर खेलते हुए पांडे ने 13 गेंदो पर नाबाद 22 रन बनाए। पांडे के टी20 करियर पर नजर डालें तो उन्होंने 32 मैचों में 39 की औसत और लगभग 123 की स्ट्राइक रेट से 587 रन बनाए हैं। टी20 विश्व कप के लिए ऑस्ट्रेलिया जाने वाले स्क्वाड में जगह बनाने के लिए पांडे के पास ये सुनहरा मौका है। क्योंकि इस सीरीज के बाद भारत अगला टी20 मैच न्यूजीलैंड दौरे पर खेलेगा और विदेशी जमीन से घरेलू मैदान पर रन बनाना आसान होता है, जहां कि पिच और हालात से आप अच्छी तरह वाकिफ हों।

रवींद्र जडेजा: कुलदीप यादव (Kuldeep Yadav) और युजवेंद्र चहल (Yuzvendra Chahal) की सफल स्पिन जोड़ी की वजह से सीमित ओवर फॉर्मेट टीम से बाहर हुए रवींद्र जडेजा (Ravindra Jadeja) को जब एशिया कप के दौरान मौका मिला तो पहले ही मैच में चार विकेट हासिल कर उन्होंने बता दिया कि वो यहां रुकने के लिए आए हैं। जडेजा को इंग्लैंड में हुए विश्व कप के लिए भी टीम में चुना गया, हालांकि उन्हें ज्यादा मैच खेलने को नहीं मिले, लेकिन बतौर सब फील्डर जडेजा ने भारत को कई अहम विकेट दिलाने में मदद की। और जब न्यूजीलैंड के खिलाफ सेमीफाइल मैच के लिए उन्हें प्लेइंग इलेवन में जगह मिली तो जडेजा ने 59 गेंदो पर 77 रनों की संघर्षपूर्ण पारी खेली। जडेजा टी20 विश्व कप स्क्वाड में शामिल होने के प्रबल दावेदारों में से एक हैं और वेस्टइंडीज के खिलाफ अच्छा प्रदर्शन कर वो अपने दावे को और मजबूत कर सकते हैं।

वाशिंगटन सुंदर: तमिलनाडु का ये युवा ऑफ स्पिनर भारत के लिए 15 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेल चुका है, जिसमें सुंदर के नाम 16 विकेट हैं। कुलदीप और चहल की जोड़ी अगर टीम को बीच के ओवर में विकेट दिलाने में माहिर है तो सुंदर ने खुद को बतौर पावरप्ले स्पेशलिस्ट स्पिनर तैयार किया है। सुंदर नई गेंद से शुरुआती और डेथ ओवर में गेंदबाजी करते हैं, जैसा वो आईपीएल में भी करते आए हैं। बांग्लादेश के खिलाफ सीरीज में भी सुंदर का प्रदर्शन अच्छा रहा था, हालांकि उनके हाथ ज्यादा विकेट नहीं आए थे। विंडीज टीम के खिलाफ अगर सुंदर को प्लेइंग इलेवन में मौका मिलता है तो उनकी कोशिश अच्छी गेंदबाजी करने के साथ विकेट निकालने की भी होगी ताकि टी20 विश्व कप के लिए वो अपनी दावेदारी पेश कर सकें।