नई दिल्ली| दृष्टिबाधित क्रिकेट विश्व कप के फाइनल में भारत ने 8 गेंद शेष रहते ही 2 विकेट से जीत हासिल कर लिया. भारत – पाकिस्तान के बीच विश्व कप टूर्नामेंट के फाइनल मैच में भारत ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला किया था. शारजाह स्टेडियम में खेले जा रहे इस मुकाबले में पाकिस्तान ने 307 रन बना कर भारत के सामने जीत के लिए 308 रनों का लक्ष्य रखा था. मैच के आखिरी क्षणों में मुकाबला बेहद रोमांचक रहा लेकिन इंडिया को जीत मिली.

इससे पहले बुधवार को भारत की दृष्टिबाधित क्रिकेट टीम ने बांग्लादेश को हराकर दृष्टिबाधित क्रिकेट विश्व कप टूर्नामेंट के फाइनल में प्रवेश कर लिया था. एमसीसी ग्राउंड पर खेले गए मैच में बुधवार को भारत ने बांग्लादेश को सात विकेट से मात दिया था.

यह भी पढ़ें: IPL नीलामी से पहले मुश्ताक अली ट्राफी में युवी, भज्जी और गंभीर पर होंगी सबकी नजरें

टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए बांग्लादेश ने 38.5 ओवरों में सभी विकेट खोकर 256 रनों का स्कोर बनाया था. इस पारी में भारत के लिए दुर्गा राव ने तीन विकेट लिए थे और केवल 20 रन दिए थे. इसके अलावा, दीपक मलिक और प्रकाश ने भी दो-दो विकेट लिए थे.

बांग्लादेश के लिए पारी की शुरुआत खराब थी क्योंकि उसने शुरुआत में ही अपने अहम विकेट गंवा दिए थे. टीम के लिए सबसे अधिक रन अब्दुल मलिक (नाबाद 108) ने बनाए. लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम को मैन ऑफ द मैच गणेशभाई मुहुदकर के शतक ने जीत दिलाई थी. उन्होंने केवल 69 गेंदों का सामना करते हुए 112 रनों की पारी खेली थी.

भारतीय टीम के लिए मुहुदकर के अलावा, दीपक मलिक ने 53 रन बनाए थे और नरेश ने 43 रनों का योगदान दिया था.
(एजेंसी इनपुट)