दक्षिण अफ्रीका के सामने टीम इंडिया को लगातार दूसरी हार का सामना करना पड़ा. सेंचुरियन टेस्ट में भारत को शर्मनाक हार मिली और पूरी टीम 151 रनों पर ढेर हो गई. दूसरी पारी में भारत की ओर से सबसे ज्यादा 47 रन रोहित शर्मा ने बनाए. इसी के साथ भारत ने तीन टेस्ट मैचों की सीरीज गंवा दी और द. अफ्रीका 2-0 से आगे हो गया है. द. अफ्रीका की ओर से डेब्यू करने वाले एनगिडी ने दूसरी पारी में 6 विकेट लिए जबकि रबाडा को तीन विकेट मिले.

घर के शेर बाहर हुए ढेर

घर के शेर भारतीय बल्लेबाजों ने आज एक बार फिर दक्षिण अफ्रीका के तेज गेंदबाजी आक्रमण के सामने घुटने टेक दिए जिससे टीम को दूसरे टेस्ट में 135 रन की शिकस्त का सामना करना पड़ा जिससे विराट कोहली की टीम के लगातार नौ टेस्ट सीरीज जीतने के अभियान पर भी विराम लग गया. पहले टेस्ट में 72 रन से जीत दर्ज करने वाली दक्षिण अफ्रीका ने इस तरह तीन मैचों की सीरीज में 2-0 की विजयी बढ़त बना ली.

दक्षिण अफ्रीका के 287 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए भारतीय टीम असमान उछाल वाली सुपर स्पोर्ट्स पार्क की पिच पर पांचवें और अंतिम दिन दूसरी पारी में 50 .2 ओवर में 151 रन पर ढेर हो गई. टीम इंडिया की ओर से रोहित शर्मा ने सर्वाधिक 47 रन बनाए. फाफ डु प्लेसिस की अगुआई वाली दक्षिण अफ्रीकी टीम ने इसके साथ ही 2015 में भारत में मेजबान टीम के हाथों 0-3 की हार का बदला भी चुकता कर लिया.  

अफगानिस्तान टेस्ट की तारीख को लेकर बीसीसीआई अध्यक्ष, कोषाध्यक्ष अंधेरे में

अफगानिस्तान टेस्ट की तारीख को लेकर बीसीसीआई अध्यक्ष, कोषाध्यक्ष अंधेरे में

एनगिडी ने ढाया कहर

दक्षिण अफ्रीका की ओर से पदार्पण कर रहे तेज गेंदबाज लुंगी एनगिडी सबसे सफल गेंदबाज रहे जिन्होंने 12 . 2 ओवर में 39 रन देकर छह विकेट हासिल किए. उन्हें मैन ऑफ द मैच चुना गया. भारतीय टीम में काफी खामियां देखने को मिली. उपमहाद्वीप के बाहर एक साल से अधिक समय में सिर्फ दूसरा टेस्ट खेल रहे भारत के टीम चयन से लेकर शॉट चयन में खामियां दिखी. टीम में जज्बे की कमी और विकेट के बीच दौड़ को लेकर सामंजस्य की कमी भी रही.

इस बीच एनगिडी, लांस क्लूजनर (भारत के खिलाफ 1996 में 62 रन पर आठ विकेट), चार्ल्स लेंगवेल्ट (इंग्लैंड के खिलाफ 2005 में 46 रन पर पांच विकेट), वर्नन फिलेंडर (आस्ट्रेलिया के खिलाफ 2011 में 15 रन पर पांच विकेट), मर्चेन्ट डि लेंगे (श्रीलंका के खिलाफ 2011 में 81 रन पर सात विकेट) और काइल एबोट (पाकिस्तान के खिलाफ 2013 में 29 रन पर सात विकेट) के बाद दक्षिण अफ्रीका के छठे तेज गेंदबाज बने जिसने पदार्पण मैच में ही पारी में पांच या इससे अधिक विकेट हासिल किए.

पुजारा दोनों पारियों में रन आउट

भारत ने दिन की शुरुआत तीन विकेट पर 35 रन से ही और जल्द ही उसका स्कोर सात विकेट पर 87 रन हो गया. सुबह की 19वीं गेंद पर चेतेश्वर पुजारा (19) मैच में दूसरी बार रन आउट हो गए. वह गैरजरूरी तीसरे रन के लिए दौड़े लेकिन एबी डिविलियर्स की थ्रो पर क्विंटन डिकाक ने उन्हें रन आउट कर दिया. पुजारा एक ही टेस्ट की दोनों पारियों में रन आउट होने वाले पहले भारतीय बल्लेबाज हैं.

तीन ओवर बाद पार्थिव पटेल (19) भी पवेलियन लौट गए जब कागिसो रबादा (47 रन पर तीन विकेट) की गेंद पर मोर्ने मोर्कल ने डीप स्क्वायर लेग बाउंड्री पर उनका शानदार कैच लपका. हार्दिक पंड्या (06) भी इसके बाद एनगिडी की गेंद को स्लिप के ऊपर से खेलने के प्रयास में विकेट के पीछे कैच दे बैठे. एनगिडी ने रविचंद्रन अश्विन (03) को विकेट के पीछे कैच कराकर भारत की टेस्ट ड्रा कराने की उम्मीदों को लगभग ध्वस्त कर दिया.

भारतीय बल्लेबाज रहे फ्लॉप

भारत ने पहली पारी में 307 रन बनाए थे. दूसरी बारी में भारत के सभी बल्लेबाज नाकाम रहे. द. अफ्रीका ने पहली पारी में 335 और दूसरी पारी में 258 रन बनाए थे. दूसरी पारी में रोहित शर्मा ने सबसे ज्यादा 47 रनों की पारी खेली. इसके बाद दूसरे नंबर पर रहे गेंदबाज मो. शमी जिन्होंने 28 रन बनाए. इन दोनों के अलावा बाकी सभी बल्लेबाज बुरी तरह फ्लॉप रहे. मुरली विजय ने 9, लोकेश राहुल ने 4 रन, विराट कोहली ने 5, पंड्या ने 6, पुजारा ने 19, पार्थिव पटेल ने 19 रन बनाए.

दूसरी पारी में भारत की ओर से मोहम्मद शमी सबसे सफल गेंदबाज रहे जिन्होंने 49 रन देकर चार विकेट चटकाए. जसप्रीत बुमराह ने 70 रन देकर तीन जबकि इशांत शर्मा ने 40 रन देकर दो विकेट हासिल किए. रविचंद्रन अश्विन को एक विकेट मिला. लक्ष्य का पीछा करने उतरे भारत की शुरुआत अच्छी नहीं रही और उसने 16 रन तक ही दोनों सलामी बल्लेबाजों मुरली विजय (09) और लोकेश राहुल (04) के विकेट गंवा दिए थे. आखिरी दिन भी सूरत नहीं बदली और टीम इंडिया महज 151 रनों पर ही ढेर हो गई.