पूर्व भारतीय क्रिकेट आकाश चोपड़ा (Aakah Chopra) का कहना है कि साल 2019 में विराट कोहली (Virat Kohli) के नेतृत्व वाली भारतीय टीम विश्व कप इसलिए नहीं जीत सकी क्योंकि भारत के पास विश्व कप जीतने वाली टीम नहीं थी।याद दिला दें कि टीम इंडिया 2019 विश्व के न्यूजीलैंड के खिलाफ दो दिन तक चले सेमीफाइनल मैच में हारकर टूर्नामेंट से बाहर हो गई थी। Also Read - IPL 2020: रांची से चेन्नई को रवाना हुए CSK कप्तान महेंद्र सिंह धोनी, देखें वीडियो

अपने यू-ट्यूब चैनल पर चोपड़ा ने 2019 की भारतीय टीम की तुलना 2011 में विश्व कप जीतने वाली टीम इंडिया से की। उन्होंने कहा, “अगर आपको तेंदुलकर और रोहित के बीच में से किसी को चुनना हो तो आप किसे चुनेंगे, ये मुश्किल फैसला है। दोनों एक दूसरे के बराबर ही होंगे क्योंकि रोहित ने उस विश्व कप में पांच शतक लगाए थे जो किसी ने भी नहीं किया था। केएल राहुल/शिखर धवन और सहवाग के बीच, मेरा दिल सहवाग को चुनेगा।” Also Read - पूर्व क्रिकेटर आकाश चोपड़ा ने बताया क्यों बाउंसर नहीं खेलते थे वीरेंदर सहवाग

उन्होंने कहा, “गंभीर और कोहली में से, 2019 का कोहली 2011 के गंभीर से निश्चित तौर पर आगे था। हालांकि कोहली 2011 की टीम में भी था लेकिन उस कोहली और इस कोहली में अंतर है। युवराज सिंह दिनेश कार्तिक, केदार जाधव, पंत और पांड्या के खिलाफ दौड़ में बतौर बल्लेबाज, बतौर गेंदबाज और बतौर मैचविनर बहुत आगे है।” Also Read - IPL 2020 : कोरोना टेस्ट में पास हुए MS Dhoni, कंडीशनिंग कैंप के लिए शुक्रवार को पहुंचेंगे चेन्नई

पूर्व खिलाड़ी ने कहा, “हम पंत/डीके/जाधव/धोनी को 2011 के विराट कोहली से आगे रख सकते है। रैना भी एक मैचविनर है। आप उसकी तुलना किसके साथ करेंगे, शायद हार्दिक पांड्या। रैना उस समय में आगे था, चाहे आप उसकी तुलना केदार से करें।”

उन्होंने आगे कहा, “2011 के धोनी और 2019 के धोनी में से बेशक 2011 का धोनी। हरभजन सिंह भी मैचविनर है, और जडेजा भी, इसलिए दोनों के बीच 50-50। जड्डू को फील्डिंग के लिए ज्यादा नंबर मिलेंगे, हरभजन सिंह को गेंदबाजी के लिए, जड्डू वनडे में बल्लेबाजी के पक्ष में थोड़ा आगे होगा। जहीर और बुमराह बराबरा हैं, दोनों ही मैचविनर हैं। शमी मुनाफ से आगे है। आपको नेहरा को कुलदीप या चहल से आगे रखना होगा।”

उन्होंने आगे कहा, “इसलिए अलग आप दोनों टीमों की तुलना करें तो एमएस की टीम 2011 में जीती क्योंकि धोनी की टीम मजबूत और मैचविनिंग टीम थी। अगर आप 2019 में विश्व में नहीं जीते तो आपके पास विश्व कप जीतने वाली टीम नहीं थी। क्योंकि मध्यक्रम कमजोर था। आपको शमी को खिलाना चाहिए था लेकिन आपने नहीं खिलाया।”

चोपड़ा ने आखिर में कहा, “इसलिए अगर आप सारी चीजों को ध्यान में रखे तो 2011 की टीम 2019 की टीम से कहीं आगे थी। इसलिए 2011 की टीम ने ट्ऱॉफी जीती और 2019 की टीम ने नहीं।”