नई दिल्ली. भारत और न्यूजीलैंड के बीच T20 सीरीज का दूसरा मैच ऑकलैंड में खेला जाना है. सीरीज में टीम इंडिया की उम्मीदों और कीवी टीम की कोशिशों के लिहाज से ये मुकाबला बेहद अहम है. भारत जहां इस मुकाबले को जीतकर सीरीज जीतने के अपने दावे को जिंदा रखना चाहेगा वहीं न्यूजीलैंड भारतीय टीम को एक और हार देकर सीरीज पर कब्जा करना चाहेगा. भारत का ये ऑकलैंड में पहला T20 मुकाबला होगा. इससे पहले उसने यहां न्यूजीलैंड के खिलाफ सिर्फ 8 वनडे खेले हैं, जिसमें 3 ही जीत पाएं हैं. वहीं दूसरी ओर मेजबान कीवियों का ऑकलैंड में ये 18वां T20 मुकाबला होगा. हालांकि, इससे पहले ऑकलैंड के ईडन पार्क पर खेले 17 T20 मुकाबले में उसे भी जीत सिर्फ 6 ही मैचों में नसीब हो पाई है, जबकि 9 मुकाबले उसने गंवाए हैं और 2 टाई रहे हैं.

न्यूजीलैंड में है दम, देख लेंगे हम

ऑकलैंड में पहली बार खेले जाने वाले भारत-न्यूजीलैंड ट्वन्टी-ट्वन्टी में किस टीम की जीत की घंटी बजेगी ये तो मैदान पर उनका प्रदर्शन ही बताएगा. लेकिन, जो कागजी आंकड़े हैं वो फिलहाल कीवी टीम के पलड़े को भारी बता रहे हैं. भारत और न्यूजीलैंड के बीच अब तक कुल 8 T20 मुकाबले हुए हैं, जिसमें सिर्फ 2 ही भारत जीत सकता है . जीत का ये प्रतिशत करीब 25 फीसदी का है, जो कि वर्ल्ड क्रिकेट के बाकी विरोधी टीमों की तुलना में सबसे कम है. सीधे शब्दों में कहें तो न्यूजीलैंड T20 में भारत का सबसे मुश्किल प्रतिद्न्दी है.

भारत का सबसे दमदार प्रतिद्वन्दी न्यूजीलैंड

बांग्लादेश और आयरलैंड के खिलाफ भारत की जीत का प्रतिशत T20 में 100 फीसदी है. पाकिस्तान के खिलाफ 75 फीसदी, जिम्बाब्वे के खिलाफ 71.4 फीसदी, श्रीलंका के खिलाफ 68.7 फीसदी, साउथ अफ्रीका के खिलाफ 68.5 फीसदी, ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 61.1 फीसदी, इंग्लैंड के खिलाफ 50 फीसदी, वेस्टइंडीज के खिलाफ 45.4 फीसदी और इन सबके बाद सबसे कम न्यूजीलैंड के खिलाफ भारत ने T20 मुकाबले जीते हैं.

ऑकलैंड जीतने का फॉर्मूला

अब अगर टीम इंडिया को ऑकलैंड में सीरीज में बराबरी करनी है और सीरीज जीतने की उम्मीदों को बरकरार रखना है, तो फिर उसे टीम कॉम्बिनेशन में सुधार कर और वेलिग्टन की गलतियों से सबक लेकर न्यूजीलैंड के खिलाफ T20 के अपने गणित को सुधारना होगा.