भारतीय क्रिकेट टीम (Indian Cricket Team) पिछले वर्ष इंग्लैंड में खेले गए वर्ल्ड कप 2019 (World Cup) के सेमीफाइनल तक का सफर तय करने में सफल रही थी. टूर्नामेंट के आयोजन से  पहले टीम इंडिया को प्रबल दावेदार के रूप में देखा जा रहा था. भारत ने टूर्नामेंट की शुरुआत भी धमाकेदार अंदाज में की थी और अजेय रहते हुए सेमीफाइनल में प्रवेश किया था लेकिन वहां उसे न्यूजीलैंड के हाथों हार का सामना करना पड़ा था.Also Read - सलामी बल्लेबाजी में राहुल से आगे देखना मुश्किल; नंबर-3 पर ही बल्लेबाजी करूंगा: विराट कोहली

ऑस्ट्रेलिया के पूर्व क्रिकेटर और अब सफल कोच टॉम मूडी (Tom Moody) का मानना है कि भारत ने इंग्लैंड में खेले गए विश्व कप 2019 में टीम के अंदर अनिश्चितता पैदा करके खुद को नुकसान पहुंचाया था. पिछले सत्र तक इंडियन प्रीमियर लीग की टीम सनराइजर्स हैदराबाद के कोच रहे मूडी ने कहा कि भारत खिताब का प्रबल दावेदार था लेकिन टीम प्रबंधन प्रतिभा का सही उपयोग करने में नाकाम रहा. Also Read - T20 World Cup में अतिरिक्त तेज गेंदबाज या स्पिनर के साथ खेलना है? इसमें ओस की भूमिका अहम होगी: शास्त्री

‘…लेकिन कभी यह बोझ बन सकती है’ Also Read - हम अक्सर सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी को कप्तान बनाने में जल्दबाजी कर देते हैं: पैडी अप्टन

मूडी ने क्रिकबज.कॉम से कहा, ‘भारत को जिन चुनौतियों का सामना करना पड़ता है उनमें से एक अपने खिलाड़ियों से बहुत अधिक उम्मीद करना है. मुझे नहीं पता कि वे इसे पसंद करते हैं या नहीं. इसमें कोई संदेह नहीं कि क्रिकेट खेलने वाले किसी भी देश की तुलना में भारत के पास अधिक प्रतिभा है लेकिन कभी यह बोझ बन सकती है.’

उन्होंने कहा, ‘जब आपको कई खिलाड़ियों में से चयन करना पड़ता है तो आप इस पर मनन कर सकते हैं कि आप अपनी सोच और समझ से किस तरह की योजना बनाना चाहते हैं. आप इस बारे में कैसा सोचते हैं कि एक विशेष टूर्नामेंट को जीतने के लिये आपको कैसा खेलने की जरूरत है.’

‘भारत  ने टूर्नामेंट जीतने की अपनी उम्मीदों पर तुषारापात करने की अपनी तरफ से सर्वश्रेष्ठ प्रयास किया’

टूर्नामेंट से पहले नंबर चार के बल्लेबाज को लेकर काफी चर्चा रही और अंबाती रायडू को विवादास्पद परिस्थितियों में टीम से बाहर कर दिया गया था.

मूडी ने कहा, ‘ऐसा लगता है कि भारत 12 महीने पहले टूर्नामेंट खेलने के लिये तैयार था लेकिन टूर्नामेंट की शुरुआत से पहले उसने बल्लेबाजी क्रम में बदलाव करके, बल्लेबाजी क्रम में खिलाड़ियों को बदलकर और पूरी टीम में अनिश्चितता पैदा करके टूर्नामेंट जीतने की अपनी उम्मीदों पर तुषारापात करने की अपनी तरफ से सर्वश्रेष्ठ प्रयास किया.’ विराट कोहली की अगुवाई वाली टीम ने लीग चरण के नौ में से 7  मैच जीते थे.