ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पहले वनडे में मिली करारी हार के बाद भारतीय कप्तान विराट कोहली (Virat Kohli) और टीम मैनेजमेंट के सामने एक ही सवाल था- आखिरी इस टीम का छठां गेंदबाज है? इसका जवाब सिडनी में हुए दूसरे वनडे में देखने को मिली जब ऑलराउंडर हार्दिक पांड्या (Hardik Pandya) एक साल के बाद गेंदबाजी करने उतरे।Also Read - गुजरात टाइटन्स टीम के लिए सफल रही है हार्दिक पांड्या की कप्तानी : विक्रम सोलंकी

पहले मैच के बाद पांड्या ने कहा था कि वो ‘महत्वपूर्ण’ मैचों में और सही समय पर गेंदबाजी करेंगे, शायद उनका सही समय आज के मुकाबले में ही थी। बता दें कि इस मैच में पांड्या ने सितंबर 2019 के बाद पहली बार गेंदबाजी की। Also Read - टीम इंडिया में पहली बार चुने गए जम्मू-कश्मीर के तेज गेंदबाज Umran Malik

गेंदबाज पांड्या का रिपोर्ट कार्ड

पांड्या ऑस्ट्रेलियाई पारी के दौरान 36वें ओवर में अटैक में आए, जब सामने स्टीव स्मिथ और मार्नस लाबुशाने गेंदबाजी कर रहे थे। अपने पहले ओवर में पांड्या ने मात्र 5 रन दिए। 38वें ओवर में पांड्या अपना स्पेल जारी रखेंगे, एक बार फिर धीमी गेंदो का इस्तेमाल कर उन्होंने मात्र चार रन गए। Also Read - KL Rahul बने कप्तान, विराट कोहली SA के खिलाफ T20 सीरीज से बाहर

दो ओवर लगातार डालने के बाद कप्तान ने पांड्या को ब्रेक दिया और फिर 42वें ओवर में उन्हें वापस लाए, जहां उन्होंने टीम इंडिया को स्मिथ का अहम विकेट दिलाया। ओवर की पहली गेंद पर चौका खाने के बाद अगली गेंद पर पांड्या ने शतक बना चुके स्मिथ को चलता किया। पांड्या ने अपने चार ओवर के स्पेल में 24 रन देकर एक विकेट लिया।

आईसीसी टी20 विश्व कप में 10 महीने का समय बचा है, ऐसे में पांड्या का फिर से गेंदबाजी शुरू करना टीम इंडिया के अच्छा संकेत है। पांड्या ने पिछले साल अक्टूबर में यूके में पीठ की सर्जरी कराई थी। उन्हें 2018 में इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज के बाद से बैक इंजरी की समस्या थी। सर्जरी के कारण वो करीब एक साल तक क्रिकेट से बाहर रहे। आईपीएल 2020 के दौरान भी पांड्या मुंबई इंडियंस के लिए स्पेशलिस्ट बल्लेबाज के तौर पर खेले थे।