ऑस्ट्रेलिया दौरे पर गई टीम इंडिया (India vs Australia 3rd ODI) शुरुआती दो मैच हारकर भले वनडे सीरीज गंवा चुकी है. लेकिन सीरीज के तीसरे और अंतिम मैच में वह जीत दर्ज करने के इरादे से उतरेगी. भारतीय टीम इस मैच में पूरा दमखम झोकने की कोशिश करेगी, ताकि वह मेजबान टीम के खिलाफ क्लीन स्वीप से बच सके. टीम इंडिया वनडे में वैसे भी लगातार 5 वनडे मैच हार चुकी है. इससे पहले न्यूजीलैंड ने वनडे में उसका 3-0 से क्लीन स्वीप किया था. इस बार ऑस्ट्रेलिया से वह क्लीन स्वीप से बचना चाहेगी. Also Read - गाबा टेस्‍ट जीतने के बाद भी Navdeep Saini को एक टांग पर भगाते रहे थे Rishabh Pant, बयां किए मैच के बाद के पल

हालांकि ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ यह जंग आसान नहीं होगी क्योंकि पहले दो वनडे में ऑस्ट्रेलिया ने टीम इंडिया को एकतरफा मुकाबलों में मात दी है. इसके अलावा बुधवार को कैनबरा के जिस मनूका ओवल (Manuka Oval) मैदान पर खेला जाना है, वहां ऑस्ट्रेलिया को वनडे में कभी हार नहीं मिली है. कंगारू टीम ने यहां अब तक 4 मुकाबले खेले हैं. टीम इंडिया पिछली बार यहां 2016 में खेली थी तब उसे यहां 25 रन से हार का सामना करना पड़ा था. Also Read - ICC Test Championship, Points Table: श्रीलंका को क्‍लीन स्‍वीप कर ENG ने बिगाड़ा समीकरण, टॉप-4 टीमों में महज 3 प्रतिशत का अंतर

इसक सबके बावजूद अगर टीम इंडिया टी20 सीरीज से पहले यहां जीत दर्ज करती है तो उसका आत्मविश्वास जरूर बढ़ेगा. कप्तान कोहली पहले ही स्वीकार कर चुके हैं कि ऑस्ट्रेलिया ने पहले दो मैचों में उन्हें ‘पूरी तरह से पछाड़’ दिया. Also Read - मैं हर दिन बुरे वक्‍त की गरमाहट महसूस कर रहा था: रिषभ पंत

तीसरे मैच में उम्मीद की जा रही है कि टीम इंडिया यहां कुछ बदलाव के साथ मैदान में उतरेगी. ऐसे कयास लगाए जा रहे हैं कि इस मैच में शार्दुल ठाकुर (Shardul Thakur) या बाएं हाथ के तेज गेंदबाज टी नटराजन (T. Natrajan) को मौका मिलता है तो हैरानी नहीं होगी. शार्दुल को 27 अंतरराष्ट्रीय मैचों का अनुभव है, जबकि नटराजन को यॉर्कर फेंकने में महारत हासिल है और अगर उन्हें यहां चांस मिलता है तो यह उनका इंटरनेशनल क्रिकेट डेब्यू होगा.

दूसरी ओर भारत को बस इतनी सी राहत जरूर ही कि उसके इनफॉर्म बल्लेबाज डेविड वॉर्नर (David Warner) चोटिल होने के कारण इस मैच में उसके सामने नहीं होंगे. लेकिन कप्तान एरोन फिंच (Aaron Finch) पिछले दो मैचों में एक शतक और एक फिफ्टी जड़ चुके हैं. उनके बाद स्टीव स्मिथ (Steve Smith) जो दोनों मैचों में 62-62 गेंदों में अपना शतक जमा चुके हैं वह बड़ी चुनौती होंगे.

इनके अलावा आईपीएल में ग्लेन मैक्सवेल (Glenn Maxwell) भले नाकाम थे लेकिन ऑस्ट्रेलिया आते ही वह भारतीय टीम के लिए सिरदर्द बन चुके हैं. उन्होंने अपनी तूफानी बल्लेबाजी से अंतर पैदा किया है, जिससे ऑस्ट्रेलिया अंतिम ओवरों में ताबड़तोड़ रन बटोरने में सफल रही है. कप्तान विराट कोहली को दोनों मैचों में अपने गेंदबाजों के रोटेशन के कारण भी आलोचना का सामना करना पड़ा है.

मौजूदा सीरीज में तेज गेंदबाज अगर नाकाम रहे हैं तो स्पिनरों की विफलता ने भारत की मुसीबत को और बढ़ा दिया है. युजवेंद्र चहल पहले दो मैचों में सबसे महंगे गेंदबाज रहे. उन्होंने 19 ओवर में 160 रन लुटाए और सिर्फ 1 विकेट हासिल कर सके हैं. वहीं रवींद्र जडेजा ने रन गति पर कुछ अंकुश लगाया लेकिन गेंद को घुमाने को अधिक तरजीह नहीं देने के कारण एक भी विकेट हासिल नहीं कर पाए.

भारतीय बल्लेबाजी की अगर बात करें तो अभी तक शिखर धवन, हार्दिक पांड्या, कप्तान विराट कोहली और केएल राहुल ही एक-एक हाफ सेंचुरी जमा पाए हैं. बाकी मयंक अग्रवाल, श्रेयस अय्यर बल्लेबाजी के लिए अनुकूल इन पिचों पर अभी तक कोई खास छाप नहीं छोड़ पाए हैं. हालांकि टीम इंडिया ने दोनों मैचों में 300 से ज्यादा रन बनाए हैं.