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भारत का सातवां विकेट गिरा। धोनी 11 रन बनाकर आउट।  हालांकि विराट कोहली अभी भी मैदान पर मौजूद हैं।  ज्ञात हो कि विराट कोहली और अजिंक्य रहाणे ने शानदार शतक लगाकर बॉक्सिंग डे टेस्ट के तीसरे दिन रविवार को भारतीय टीम को मुश्किल से उबारने का काम किया है। मेलबर्न क्रिकेट मैदान (एमसीजी) पर जारी चार मैचों की सीरीज के इस तीसरे मैच में आस्ट्रेलिया की पहली पारी के 530 रनों के जवाब में भारत ने तीसरे दिन चायकाल तक अपनी पहली पारी में तीन विकेट पर 336 रन बनाकर संतोषजनक स्थिति हासिल कर ली थी। भारत का स्कोर फिलहाल 411- 4। जिसमे कोहली 141 रन पर नाबाद खेल रहे हैं। Also Read - सचिन, विराट, धवन से लेकर युवराज सिंह ने की कपिल देव के जल्द स्वस्थ होने की कामना, जानें किसने क्या कहा

कोहली और रहाणे ने चौथे विकेट के लिए 262 रनों की साझेदारी की। हालांकि रहाणे 147 रन बनाकर आउट हो गये। इस सीरीज में अपना तीसरा शतक लगाने वाले कोहली ने 171 गेंदों का सामना कर 11 चौके लगाए हैं जबकि इस साल का अपना तीसरा शतक लगाने वाले रहाणे ने 142 गेंदों पर 15नबार गेंद को सीमा रेखा के बाहर भेजा है। Also Read - Ind vs Aus: ऑस्ट्रेलिया दौरे के लिए कोच शास्त्री के साथ 25 अक्टूबर को दुबई रवाना होंगे पुजारा-विहारी

कोहली और रहाणे ने 4.18 के शानदार औसत से रन बटोरते हुए भारत के रन रेट को 3.53 तक पहुंचा दिया है, जो दूसरे दिन स्टम्प्स तक तीन से कम था। रहाणे ने अपने करियर का तीसरा शतक पूरा किया। उनके सभी शतक विदेश में बने हैं। दूसरी ओर, कोहली ने विदेशी धरती पर छठा शतक लगाया। इनमें से चार शतक आस्ट्रेलिया के खिलाफ लगे हैं।

भारत ने पहले सत्र में 29 ओवरों का सामना करते हुए 116 रन बनाए थे जबकि दूसरे सत्र में उसने बिना कोई विकेट गंवाए 112 रन जोड़े। शतकीय पारियों के दौरान कोहली को एक और रहाणे को दो जीवनदान मिले लेकिन वे इससे विचलित नहीं हुए और टीम को मजबूती प्रदान करने का काम जारी रखा।

पहले सत्र में भारत ने चेतेश्वर पुजारा (25) और मुरली विजय (68) के विकेट गंवाए थे। दूसरे दिन का खेल खत्म होने तक पुजारा 25 और विजय 55 रनों पर नाबाद लौटे थे। भारत ने दूसरे दिन स्टम्प्स तक एक विकेट पर 108 रन बनाए थे।

पुजारा एक दिन पुराने अपने स्कोर में बिना कोई इजाफा किए रायन हैरिस द्वारा फेंकी गई दिन की दूसरी ही गेंद पर बल्ला लगाते हुए विकेट के पीछे ब्रैड हेडिन के शिकार बने।

हेडिन ने एक शानदार कैच लपकते हुए पुजारा की पारी का अंत किया। पुजारा 108 के कुल योग पर आउट हुए। पुजारा और विजय के बीच 53 रनों की साझेदारी हुई। पुजारा ने 71 गेंदों पर दो चौके लगाए।

इसके बाद विजय ने कोहली के साथ तीसरे विकेट के लिए 39 रनों की साझेदारी की। यह साझेदारी काफी अच्छी दिख रही थी लेकिन विजय ने भी वही गलती दोहराई जो पुजारा ने की थी।

शेन वॉटसन की एक बाहर जाती गेंद पर बल्ला लगाते हुए वह शॉन मार्श के हाथों स्लिप में लपके गए। विजय ने 68 रनों की पारी में 135 गेंदों का सामना कर सात चौके लगाए।

कोहली और रहाणे ने भारत के लिए एमसीजी पर चौथे विकेट के लिए पहली शतकीय साझेदारी को अंजाम दिया। भारत ने इस मैदान पर अब तक कुल 12 टेस्ट मैच खेले हैं लेकिन एक भी मौके पर चौथे विकेट के लिए बल्लेबाज शतकीय साझेदारी नहीं कर सके थे।

इस विकेट के लिए सबसे बड़ी साझेदारी 77 रनों की थी, जो सचिन तेंदुलकर और सौरव गांगुली ने 1999 में की थी। कोहली और रहाणे ने हालांकि इस मिथक को तोड़ते हुए नाबाद 189 रनों की साझेदारी को अंजाम दिया है।

खास बात यह है कि यह साझेदारी काफी आक्रामक रही क्योंकि दोनों ने चार से अधिक के औसत से रन बटोरे। इन दोनों ने इस मैदान पर भारत के लिए किसी भी विकेट के लिए सबसे बड़ी साझेदारी को अंजाम दिया है।

इससे पहले यह रिकार्ड चेतन चौहान और सुनील गावस्कर के नाम था, जिन्होंने 1981 में पहले विकेट के लिए 165 रन जोड़े थे। उसी साल भारत इस मैदान पर अंतिम बार जीता था।

एमसीजी पर भारत के लिए तीन मौकों पर पहले विकेट के लिए शतकीय साझेदारी हुई है। इसके अलावा दूसरे और तीसरे विकेट के लिए भी तीन-तीन मौकों पर शतकीय साझेदारियां हुई हैं।

इससे पहले इस मैदान पर 2011 में सचिन तेंदुलकर और राहुल द्रविड़ के बीच तीसरे विकेट के लिए 117 रनों की साझेदारी हुई थी।

चार मैचों की सीरीज में भारत 0-2 से पीछे है। उसे एडिलेड और ब्रिस्बेन में हार मिली थी। मेलबर्न में भारत ने 1981 के बाद से कोई टेस्ट नहीं जीता है।