ऑस्ट्रेलिया के स्टार बल्लेबाज स्टीव स्मिथ (Steve Smith) टेस्ट सीरीज में फॉर्म में नहीं हैं. वह पहले 2 टेस्ट की 4 पारियों में सिर्फ 10 रन ही बना पाए हैं. इस दौरान भारत के स्टार ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन (Ravichandran Ashwin) ने उन्हें 2 बार अपना शिकार बनाया है. 4 टेस्ट मैच की बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी (Border Gavaskar Trophy) आज 1-1 से बराबर हो गई. सीरीज के 2 मैच अभी बाकी है, जो अगले साल जनवरी में खेले जाएंगे. Also Read - भारत लौटकर Mohammed Siraj ने किया पिता को याद- बोले- मेरे सभी विकेट्स उन्हें समर्पित

अपनी खराब फॉर्म पर बात करते हुए इस स्टार बल्लेबाज ने कहा कि उन्होंने रविचंद्रन अश्विन को अपने ऊपर दबाव बनाने का मौका दिया, जिसके कारण वह इस टेस्ट सीरीज में अभी तक कोई बड़ी पारी नहीं खेल पाए हैं. स्मिथ ने कहा कि अश्विन के खिलाफ मैं यह गलती कर गया हूं, जो अपने पूरे टेस्ट करियर में उन्होंने किसी दूसरे स्पिनर को ऐसा करने नहीं दिया है. Also Read - मैं नहीं चाहता कि MS Dhoni से हो मेरी तुलना, मैं खुद की पहचान बनाना चाहता हूं: Rishabh Pant

भारत के खिलाफ मौजूदा टेस्ट सीरीज में स्टीव स्मिथ 1,1*, 0 और 8 रन ही बना पाए हैं. दूसरे टेस्ट के बाद कंगारू टीम के इस स्टार खिलाड़ी ने कहा, ‘मैंने अश्विन को उतना अच्छे से खेला नहीं है, जितना खेलना चाहिए था. मुझे उस पर दबाव बनाना चाहिए था.’ Also Read - IPL 2021: राजस्थान रॉयल्स में बड़े बदलाव, Sanju Samson कप्तान, स्टीव स्मिथ बाहर

31 वर्षीय इस बल्लेबाज ने कहा, ‘मैंने उन्हें हावी होने दिया. ऐसा अपने करियर में किसी स्पिनर को मैंने नहीं करने दिया था.’ इसके साथ ही उन्होंने कहा कि वह लंबी पारी खेलने को बेकरार हैं जो इस साल हो नहीं पा रहा है.

टेस्ट सीरीज से पहले स्टीव स्मिथ शानदार फॉर्म में थे. उन्होंने पहले दो वनडे मैचों में तेज तर्रार दो बैक टू बैक शतक जमाए थे. लेकिन इसके बाद स्मिथ ने एक वनडे, 3 टी20i और 2 टेस्ट मैच और खेले हैं लेकिन वह उस लय में नहीं दिख रहे हैं. दो शतक ठोकने के बाद उनका टॉप स्कोर 46 रन रहा है, जो उन्होंने दूसरे टी20 मैच में बनाए थे.

स्मिथ ने कहा, ‘यह दोधारी तलवार है लेकिन मुझे लगता है कि मुझे पूरे भरोसे के साथ अपना स्वाभाविक खेल खेलना होगा. मैं क्रीज पर टिककर खेलना चाहता हूं, जो सबसे जरूरी है. इस साल मैने सबसे लंबी पारी 64 गेंदों की खेली है, जो वनडे मैच में खेली थी.’

उन्होंने कहा, ‘नेट्स पर कितनी ही बल्लेबाजी कर लो लेकिन मैदानी हालात की बात अलग होती है. मैं मैदान पर लय हासिल करने की कोशिश कर रहा हूं. यह उतना आसान नहीं है, खासकर बेहतरीन विरोधी गेंदबाजों के सामने किसी टेस्ट में.’