आईपीएल में शानदार प्रदर्शन के दम पर नेट गेंदबाज के तौर पर वनडे और टेस्‍ट टीम का हिस्‍सा बने तेज गेंदबाज टी नटराजन अब वापस अपने घर लौट गए हैं, जहां रथ यात्रा के माध्‍यम से उनका स्‍वागत किया गया. नटराजन एक ही दौरे पर खेल के सभी फॉर्मेट में डेब्‍यू करने वाले भारत के पहले खिलाड़ी बन गए हैं. उन्‍होंने कहा कि मुझे मौका मिलने की उम्मीद नहीं थी. भारत के लिये पहला मैच खेलते समय वो काफी दबाव में थे.Also Read - Virat Kohli को वनडे कप्‍तानी से हटाकर BCCI ने गलती की, पाक क्रिकेटर बोले- यह संभव नहीं...

नटराजन ने सलेम जिले में चिन्नाप्पामपट्टी में पत्रकारों से तमिल भाषा में बातचीत करते हुए कहा, ‘‘मैं अपना काम करने के लिये प्रतिबद्ध था. मुझे वनडे में मौका मिलने की उम्मीद नहीं थी. जब मुझे बताया गया कि मैं इसमें खेलूंगा तो मैं दबाव में था. मैं मौके का फायदा उठाना चाहता था. खेलना और एक विकेट लेना सपने की तरह था.’’ Also Read - कौन होगा भारत का नया टेस्‍ट कप्‍तान ? Steve Smith ने इन दो खिलाड़ियों को बताया मजबूत दावेदार

एक के बाद एक तेज गेंदबाजों के चोटिल होने के कारण टी नटराजन को टेस्‍ट सीरीज के दौरान नेट गेंदबाज से रेगुलर गेंदबाज बना दिया गया था. नटराजन ने गाबा टेस्‍ट में डेब्‍यू किया. Also Read - विराट कोहली के बाद जेसन होल्डर बन सकते हैं RCB के अगले कप्तान: आकाश चोपड़ा

उन्‍होंने कहा, ‘‘भारत के लिये खेलने के बाद मैं अपनी खुशी को शब्दों में बयां नहीं कर सकता. यह सपने की तरह था. मुझे कोचों और खिलाड़ियों से भी काफी सहयोग मिला. उन्होंने मेरा समर्थन किया और मुझे काफी प्रोत्साहित किया. मैं उनके समर्थन की वजह से अच्छा करने में सफल रहा. ’’

नटराजन ने यह भी कहा कि उन्हें विराट कोहली और अजिंक्य रहाणे की कप्तानी में खेलना काफी अच्छा लगा क्योंकि उन्होंने काफी प्रोत्साहित और सहयोग किया.

‘‘विराट कोहली और अजिंक्य रहाणे ने मुझे अच्छी तरह से संभाला. उन्होंने मुझे काफी सकारात्मक चीजें कहीं और मुझे प्रेरित किया. मुझे दोनों की कप्तानी में खेलना अच्छा लगा.’’