ऑस्ट्रेलिया दौरे पर गई टीम इंडिया (India Tour to Australia) इन दिनों खेल से ज्यादा लगातार चोटिल हो रहे अपने खिलाड़ियों की फिटनेस (Injury Issue in Team India) से चिंतित है. इस दौरे पर एक के बाद एक टीम इंडिया के करीब 13-14 खिलाड़ी चोटिल हो चुके हैं. चौथे टेस्ट से पहले तो आलम यह था कि टीम को ब्रिसबेन टेस्ट के लिए अपनी प्लेइंग XI चुनने में भी चुनौती दिख रही थी. ऑस्ट्रेलिया के पूर्व दिग्गज विकेट कीपर बल्लेबाज एडम गिलक्रिस्ट (Adam Gilchrist) ने कहा कि भारतीय टीम को खिलाड़ियों के लगातार चोटिल होने का कारण पता करना चाहिए. Also Read - India vs England: आलोचना झेल रहे अजिंक्य रहाणे-चेतेश्वर पुजारा के समर्थन में उतरे कप्तान कोहली

गिली ने कहा कि कोई शक नहीं लगतार चोटिल हो रहे खिलाड़ियों की वजह से टीम इंडिया मुश्किल में पड़ी है. बता दें बॉर्डर गावस्क ट्रॉफी (Border Gavaskar Trophy) के चौथे और अंतिम टेस्ट मैच में टीम इंडिया का प्रथम पंक्ति का कोई भी गेंदबाज प्लेइंग XI में खेलने के लिए नहीं बचा है. फास्ट बॉलरों के बाद जडेजा और अश्विन के रूप में टीम इंडिया के नियमित स्पिनर भी चोटिल होकर इस सीरीज से बाहर हो गए हैं. Also Read - India vs England: चौथे टेस्ट से पहले पिच की आलोचना पर बोले रहाणे 'लोग जो कह रहे है, उन्हें कहने दीजिए'

गिलक्रिस्ट ने फॉक्सस्पोर्ट्स से बात कर रहे थे. उन्होंने कहा, ‘उन्हें इस दौरे में जैसी प्रतिकूल परिस्थितियों का सामना करना पड़ा वह उल्लेखनीय है. उन्हें यह पता करना चाहिए कि इतने अधिक खिलाड़ी चोटिल क्यों हुए.’ Also Read - टेस्ट उप कप्तान के कोच ने कहा- रहाणे के अहम योगदान की तरफ नहीं गया किसी का ध्यान

इस पूर्व विकेटकीपर बल्लेबाज ने कहा, ‘उन्हें (चोटिल भारतीय खिलाड़ियों को) ऑस्ट्रेलियाई पेस अटैक के कारण चोटें नहीं लगी, बल्कि मांसपेशियों में खिंचाव जैसी समस्याओं से जूझना पड़ा है. उन्हें यह पता करना होगा कि ऐसा क्यों हुआ और ये उनके नियंत्रण में थी या नहीं.’ भारतीय टीम को शुक्रवार को एक और झटका लगा जब मैच के पहले ही दिन एक और तेज गेंदबाज नवदीप सैनी (Navdeep Saini) को मांसपेशियों में खिंचाव (ग्रोइन इंजरी) के कारण मैदान छोड़ना पड़ा.

कई खिलाड़ियों के चोटिल होने के बावजूद भारत ने अभी तक सीरीज 1-1 से बराबर रखी है. गिलक्रिस्ट ने इसके साथ भारतीय टीम के जज्बे की तारीफ भी की. उन्होंने कहा, ‘लेकिन आप उनके जज्बे और कभी हार नहीं मानने की अदम्य इच्छाशक्ति पर सवाल नहीं उठा सकते हैं.’

इनपुट : भाषा