भारत के खिलाफ 4 मार्च से बैंगलौर में शुरू हो रहे दूसरे टेस्ट मैच से पहले पूर्व ऑस्ट्रेलियाई कप्तान माइकल क्लार्क ने ऑस्ट्रेलियाई टीम को सावधान किया है। पुणे में खेले गए सीरीज के पहले टेस्ट मैच में ऑस्ट्रेलिया ने भारत को 333 रन से हराते हुए भारत की लगातार 19 मैचों से जारी विजयी क्रम पर ब्रेक लगाते हुए सीरीज में 1-0 की बढ़त हासिल कर ली थी।

लेकिन 2013 में भारत के हाथों वाइटवॉश (0-4) से झेलने वाली ऑस्ट्रेलियाई टीम के कप्तान रहे माइकल क्लार्क ने कहा कि भारत को दूसरे टेस्ट में हराना ऑस्ट्रेलिया के लिए मुश्किल काम होगा।

क्लार्क ने कहा, ‘विराट कोहली दूसरे टेस्ट को लेकर बेहद केंद्रित और पूरी तरह तैयार हैं। ऑस्ट्रेलिया के लिए पुणे की अपेक्षा बैंगलौर में भारत को हराना कहीं अधिक कठिन होने वाला है। अगर भारत पुणे टेस्ट में टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरती, तो मुझे नहीं लगता कि उस मैच का परिणाम वही रहता।’

क्लार्क का कहना है कि भारतीय धरती पर जीत हासिल करने के लिए पहली पारी में बड़ा स्कोर करना बेहद जरूरी है। यह भी पढ़ें: ऑस्ट्रेलिया का ‘डर’, ‘विराट कोहली करेंगे जोरदार वापसी’

उन्होंने कहा, ‘भारत में खेलते हुए पहली पारी का स्कोर बेहद अहम होता है। अगर आप पहली पारी में 450 या उससे बड़ा स्कोर बनाते हैं तो इससे फर्क नहीं पड़ता कि टॉस कौन जीता। आप पहली पारी में कैसी बल्लेबाजी करते हैं, उसी से मैच का नतीजा तय होगा। इसलिए दोनों ही टीमें पहली पारी में बड़ा स्कोर खड़ा करना चाहेंगी।’

क्लार्क ने कहा, ‘पुणे में भी हमने देखा कि ऑस्ट्रेलियाई टीम एक चुनौतीपूर्ण विकेट पर पहली पारी में 265 का सम्मानजनक स्कोर खड़ा करने में सफल रही, जबकि भारत पहली पारी में सिर्फ 105 रन बना सका।’ यह भी पढ़ें: बेंगलौर में सचिन की इस ‘जादुई पारी’ से प्रेरणा लेकर जीत सकती है टीम इंडिया!

उन्होंने आगे कहा, ‘बैंगलौर का विकेट भी ज्यादा अलग नहीं होगा और पांच दिनों में धीरे-धीरे खराब होता जाएगा। इसलिए शुरुआती ढाई दिन बेहद अहम होंगे। भारतीय उपमहाद्वीप में शुरुआती तीन दिन जैसे बहुत धीमी गति से बढ़ते हैं। लेकिन इसके बाद पिच उखड़ने लगती है और स्पिन गेंदबाजों को मदद मिलने लगती है, जो बल्लेबाजों के सामने परेशानी खड़ी करती है।’

टीम इंडिया के कप्तान विराट कोहली की तारीफ करते हुए क्लार्क ने कहा, कोहली एक मजबूत खिलाड़ी हैं। वह अपनी क्षमताओं को लेकर भरोसे से भरे हैं। मेरी नजर में वह सभी फॉर्मेट्स में सर्वश्रेष्ठ हैं, भारत को ऑस्ट्रेलियाई टीम में चार बड़े खिलाड़ियों से निपटने की जरूरत है। स्मिथ, वॉर्नर, स्टार्क और हेजलवुड। भारत को पता है कि अब उन्हें ऑस्ट्रेलिया को हराने के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना होगा। यह भी पढ़ें: …तो ऑस्ट्रेलिया को टेस्ट सीरीज में हरा देगी टीम इंडिया!

साथ ही क्लार्क ने टीम इंडिया को अपनी फील्डिंग सुधारने की नसीहत देते हुए कहा, ‘कैच लीजिए वर्ना स्मिथ फिर से शतक जमा देंगे।’ भारत ने पुणे टेस्ट में ऑस्ट्रेलियाई कप्तान स्टीव स्मिथ के पांच कैच छोड़े थे। मैच के बाद खुद विराट कोहली ने भी अपनी टीम की फील्डिंग पर नाराजगी जताते हुए कहा था, ‘एक बल्लेबाज का पांच कैच छोड़कर आप मैच नहीं जीत सकते हैं।’

 

(IANS इनपुट्स के साथ)