ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ एडिलेड टेस्ट में भारत को सही शुरुआत दिलाने में नाकाम रहे सलामी बल्लेबाज पृथ्वी शॉ (Prithvi Shaw) और मयंक अग्रवाल पर पूर्व भारतीय कप्तान सुनील गावस्कर (Sunil Gavaskar) के गुस्से का शिकार होना पड़ा। Also Read - इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज के जरिए टेस्ट टीम में वापसी कर सकते हैं कुलदीप यादव; कोच-कप्तान ने दिए संकेत

शॉ एडिलेड टेस्ट के पहले दिन भारतीय पारी के पहली ही ओवर में मिशेल स्टार्क की गेंद पर बोल्ड हुए थे। Also Read - ऑस्ट्रेलिया पर जीत के बाद कप्तान रहाणे ने कुलदीप यादव की तारीफ की; कहा- आपका टाइम आएगा

7क्रिकेट से बातचीत में गावस्कर ने कहा, “आज भी, आप देखें कि बल्ले पर उसका हाथ कहां है। बल्ले और पैड के बीच में कितना बड़ा गैप है। पारी की दूसरी ही गेंद और आप ये निश्चित करना चाहेंगे कि आप हल्के हाथों से खेलें। आप जितना हो सके उतना देर से खेंले। टेस्ट क्रिकेट का पूरा कॉन्सेप्ट ही यही है आप गेंद से पीछे ना जाएं।” Also Read - भारतीय क्रिकेटरों के मुकाबले में अभी 'प्राइमरी क्लास' में हैं युवा ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी: ग्रेग चैपल

उन्होंने कहा, “फिर आप बल्ले और पैड के बीच इतना ज्यादा गैप छोड़ रहे हैं, किसी भी अतिरिक्त मूवमेंट के लिए जगह दे रहे हैं, चाहे बल्ले का किनारा लगे या पैड का।”

मयंक भी शॉ की तरह बैट और पैड की तरह गैप थोड़ने की वजह से पैट कमिंस की गेंद पर बोल्ड हुए थे।

इस पर पूर्व सलामी बल्लेबाज ने कहा, “तकनीकि ये है कि जितना हो सके उतना पैड के करीब खेलना है, जिसका मतलब ये कि पारी की शुरुआत में बल्ले की गति कम से कम होनी चाहिए। लेकिन शुरुआत में जब आपका खाता ओभ नहीं खुला है, आप अपने बल्ले की गति कम रखना चाहेंगे। बल्ले और पैड के बीच जगह ना रखें।”