India vs Australia Test Series: भारत और ऑस्ट्रेलिया (India vs Australia) के बीच 4 मैचों की सीरीज का पहला टेस्ट मैच 17 दिसंबर से एडिलेड में खेला जाएगा. टीम इंडिया का विदेश में ये पहला डे नाइट (Day-Night) टेस्ट होगा. टेस्ट सीरीज से पहले दोनों टीमों के बीच 3 मैचों की टी20 और वनडे सीरीज खेली गई थी. मेजबान टीम इस बात को अच्छी तरह जानती है कि उसे मेहमान टीम से कड़ी टक्कर मिलने वाली है. Also Read - IND vs AUS ब्रिसबेन टेस्ट: चोट से ऑस्ट्रेलिया भी हुआ परेशान, इस दिग्गज फास्ट बॉलर की हैम्स्ट्रिंग में खिंचाव

ऑस्ट्रेलिया के कोच जस्टिन लैंगर (Justin Langer) कहना है कि उनकी टीम गुरुवार से शुरू हो रहे पहले टेस्ट में भारतीय कप्तान विराट कोहली (Virat Kohli) के खिलाफ खास रणनीति लेकर उतरेगी. कोहली चार मैचों की सीरीज का पहला ही मैच खेलेंगे. इसके बाद वह पितृत्व अवकाश पर स्वदेश रवाना हो जाएंगे. Also Read - IND vs AUS: ब्रिसबेन टेस्ट में जीत चाहे भारत, इन 8 खिलाड़ियों से है 'आखिरी उम्मीद'

लैंगर ने कहा ,‘वह महान खिलाड़ी और उतना ही शानदार कप्तान हैं. मैं उनका काफी सम्मान करता हूं लेकिन उनके लिए खास रणनीति बनानी होगी. हमें पता है कि बतौर कप्तान और बल्लेबाज वह भारतीय टीम के लिए कितना महत्वपूर्ण है.’ Also Read - India vs Australia: Steve Smith ने बताया- ब्रिसबेन में भारत को रोकने की क्या है रणनीति!

उन्होंने एक वर्चुअल प्रेस कांफ्रेंस में कहा ,‘रणनीति पर अमल करना भी उतना ही जरूरी है .उसे रन बनाने से रोकना होगा. आखिर में तो वह बल्ले से ही सबसे ज्यादा प्रभाव छोड़ सकता है.अब तक हम उसे काफी समझ और देख चुके हैं और वह भी हमें.’

‘कोहली से भिड़ने की बजाय उसे आउट करने के तरीके तलाशेगी’

लैंगर ने कहा कि उनकी टीम तकनीक पर फोकस करेगी और जबर्दस्ती कोहली से भिड़ने की बजाय उसे आउट करने के तरीके तलाशेगी.

उन्होंने कहा ,‘हम विराट  को आउट करने की कोशिश करेंगे. वह इतना शानदार खिलाड़ी हैं कि उसे छींटाकशी के बारे में हम बात भी नहीं कर रहे. यह बकवास है. हम कौशल पर खेलते हैं, भावनाओं पर नहीं. हमें भावनाओं पर काबू रखना होगा.’

ऑस्ट्रेलिया ने भारत से ज्यादा गुलाबी गेंद मैच खेले हैं लेकिन लैंगर का कहना है कि उनकी टीम को इस वजह से कोई फायदा नहीं मिलेगा.

उन्होंने कहा , ‘मैंने हमेशा कहा है कि सर्वश्रेष्ठ टीमें और खिलाड़ी हालात के अनुरूप ढल जाते हैं. मैच कितना भी बड़ा हो और गेंद का कोई भी रंग हो. अतीत में हो हुआ, उससे बहुत फर्क नहीं पड़ेगा लेकिन उसे दोहराना अच्छा होगा.’