बच्‍चे के जन्‍म के चलते पहला टेस्‍ट मैच हारने के बाद पत्‍नी संग वापस भारत लौटे भारतीय कप्‍तान विराट कोहली इस वक्‍त काफी ट्रोल हो रहे हैं. अजिंक्‍य रहाणे की कप्‍तानी में भारत ने मेलबर्न में ऑस्‍ट्रेलिया को मात देकर सीरीज में 1-1 से बराबरी कर ली है. ऐसे में विराट पर उठ रही उंगलियों को लेकर पूर्व भारतीय कप्‍तान फारुख इंजीनियर ने अपनी प्रतिक्रिया दी.Also Read - IND vs NZ Test: पिच कवर्स से ढकी हुई है, टिम साउदी की भविष्‍यवाणी- मुंबई में गेंद होगी स्विंग

स्‍पोर्ट्स क्रीड़ा वेबसाइट से बातचीत के दौरान फारुख इंजीनियर ने कहा, “विराट कोहली को ट्रोल किए जाने से में पूरी तरह से असहमत हूं. आप किसी व्‍यक्ति को क्‍यों इस तरह से ट्रोल करेंगे. अपने पहले बच्‍चे के जन्‍म के वक्‍त विराट ने अपनी पत्‍नी के साथ रहने का निर्णय किया है. इसके लिए उसे परेशान करना गलत होगा.” Also Read - IND vs NZ Test: पांच साल से 'वानखेड़े स्‍टेडियम' को टेस्‍ट क्रिकेट का इंंतजार, विराट ने जड़ा था दोहरा शतक

उन्‍होंने कहा, “साउथ अमेरिका में लोग फुटबॉल के खेल को लेकर काफी उत्‍साहित रहते हैं. ठीक वैसे ही हमारे यहां लोग क्रिकेट के खेल को पसंद करते हैं. जब हम विदेश में हारते हैं तो हमारे घर पर आग लगाने जैसी स्थिति होती है. अगले ही दिन जब आप अच्‍छा करते हो तो आप पेड़ के सबसे उपर होते हो.” Also Read - IND vs SA: खटाई में पड़ सकता है साउथ अफ्रीका दौरा, Virat Kohli ने तोड़ी चुप्पी, BCCI से मांगा जवाब

फारुख इंजीनियर ने कहा, “खेल के प्रति लोगों की ये भावना देखना अच्‍छा लगता है. सभी विदेशी क्रिकेटर जब भी भारत आते हैं तो उन्‍हें भी यही प्‍यार मिलता है. अगर आप अच्‍छे क्रिकेटर हो तो आपको सराहा जाएगा.”

“मेरे पास चार बच्‍चे हैं. मैं किसी एक बच्‍छे के जन्‍म के वक्‍त भी अपनी पत्‍नी के साथ नहीं था. मैं उस वक्‍त हमेशा ही अंतरराष्‍ट्रीय क्रिकेट में व्‍यस्‍त रहा. यहां तक कि लॉड्स मैदान में खेलने के दौरान वहां मैच देखने आई इंग्‍लैंड की क्‍वीन ने मुझे बच्‍चे के जन्‍म पर बधाई दी थी. उस समय ऐसा नहीं होता था. इसका ये बिल्‍कुल मतलब नहीं है कि ऐसा अब भी होगा.”

फारुख इंजीनियर ने कहा, “निजी तौर पर अगर मैं ऐसी स्थिति में होता जब भारत पहला मुकाबला हार चुका हो तो मैं टीम के साथ ही बना रहता. मेरे विचार मेरे देश के लिए हैं लेकिन मै विराट कोहली को दोष नहीं दे रहा हूं. ये एक आज के समय का ट्रेंड है. ये नए दौर का नया तरीका है.”