भारत और ऑस्ट्रेलिया की (India vs Australia) टीमें 4 टेस्ट की सीरीज में एक-दूसरे के आमने-सामने हैं. 2 टेस्ट के बाद दोनों टीमें 1-1 की बराबरी पर हैं और 7 जनवरी से वे सिडनी में एक बार फिर एक-दूसरे से आगे निकलने की होड़ लगाएंगी. इस मौके पर पूर्व भारतीय टेस्ट बल्लेबाज वीवीएस लक्ष्मण (VVS Laxman) को सिडनी के इस ऐतिहासिक मैदान पर खेले गए अपने दौर का 13 साल पुराना टेस्ट मैच याद आ गया है. साल 2008 में टीम इंडिया यहां अनिल कुंबले (Anil Kumble) की कप्तानी में खेलने आई थी. Also Read - Rishabh Pant की बोगस अपील पर खुद को रोक नहीं पाए Rohit Sharma, मैदान पर ही लेने लगे मजे, देखें वीडियो

भारत इस दौरे पर पहली बार ऑस्ट्रेलिया पर हावी था. सिडनी टेस्ट में भी टीम इंडिया ने ऑस्ट्रेलिया को दबाव में घेर लिया था और इसके बाद इस मैच ने जो पलटी खाई वह खिलाड़ियों के खेल से नहीं बल्कि अंपायरों की खराब अंपायरिंग और विवादों की वजह से हुआ. ऑस्ट्रेलिया के मैदान पर आज तक सिर्फ एक बार ही टेस्ट मैच जीता है, जो कि 1978 में था. लेकिन 2008 में वह यहां जीत के करीब पहुंचा था, जिस पर अंपायरों के बार-बार खराब निर्णयों पर भारत की जीत के अरमानों पर पानी फेर दिया. Also Read - IND vs AUS: डेब्‍यूटेंट टी नटराजन, वाशिंगटन सुंदर की शानदार गेंदबाजी से 369 पर सिमटा ऑस्‍ट्रेलिया

अगर तब यहां सही अंपायरिंग हुई होती तो टीम इंडिया ऑस्ट्रेलिया को पहली बार उसके घर में साल 2008 में ही बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी (Border Gavaskar Trophy) अपने नाम कर लेती. 13 साल बाद भी वीवीएस लक्ष्मण को यह हार कचौटती है. स्टार स्पोर्ट्स के एक कार्यक्रम में लक्ष्मण ने इस टेस्ट को याद करते हुए माना कि इस मैच में कुछ घटनाएं ऐसी थी, जिनसे खेल का ‘पुअर टेस्ट’ (मजा किरकिरा) हो गया. साथ ही उन्होंने यह भी माना कि टीम इंडिया के पास तब इस टेस्ट को जीतने का सुनहरा मौका था. Also Read - फेस मास्‍क पहनकर मैदान में आए ऑस्‍ट्रेलियाई फैन्‍स, CA ने कुछ यूं लिए मजे

ये थे इस टेस्ट मैच के विवादित निर्णय- देखें VIDEO

वीवीएस ने क्रिकेट क्नेक्टेड शो में कहा, ‘मैं इसे ऑस्ट्रेलियाई अहंकार नहीं कहूंगा. लेकिन मैं यह महसूस करता हूं कि मेलबर्न टेस्ट हारने के बाद हमारे पास सिडनी टेस्ट जीतने का शानदार मौका था. हां, इसे मंकीगेट कांड के लिए ज्यादा याद किया जाएगा. लेकिन मैं यही मानता हूं कि हमारे पास वो टेस्ट जीतने का सुनहरा मौका था.’

इस स्टार बल्लेबाज ने कहा, ‘जब हमने बॉलिंग शुरू की तो हमारे बॉलरों ने जल्दी ही विकेट ले लिए. ऑस्ट्रेलिया दबाव में थी, और तब एंड्र्यू सायमंड्स आए और वह दो या तीन बार आउट थे. लेकिन अंपायर बार-बार भयंकर भूल कर रहे थे. मैं उसे कभी नहीं भूल सकता, आरपी सिंह ने सायमंड्य को आउट किया था, जिसकी काफी तेज आवाज आई थी, लेकिन अंपायर ने इसे नाबाद कहा. दुर्भाग्य से सायमंड्स ने यहां बड़ा शतक अपने नाम किया. मैच के अंतिम दिन जिस ढंग से सौरव गांगुली और राहुल (द्रविड़) को आउट दिया गया. मैं मानता हूं कि यह बहुत ही खराब (पुअर टेस्ट) था.’