स्कूलों में अवकाश घोषित है, डॉक्‍टर लोगों को घर से बाहर न निकलने की हिदायत दे रहे हैं लेकिन क्रिकेट के दीवानों के लिये यह सब ‘मायने नहीं रखता’ जो भारत और बांग्लादेश के बीच पहले टी20 के आयोजन को लेकर आखिरी क्षणों तक बनी उहापोह की स्थिति के बावजूद रविवार को अरुण जेटली स्‍टेडियम में बड़ी संख्या में पहुंचे.

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राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में धुंध अपने चरम पर है और सुबह तक स्टेडियम के आसपास के क्षेत्रों में एक्यूआई 900 से अधिक था. सुबह हल्की बारिश होने के कारण इसमें सुधार हुआ और यह 550 के आसपास पहुंच गया. यह एक्यूआई भी खतरनाक माना जाता है लेकिन मैच रेफरी रंजन मदुगले ने परिस्थितियों का आकलन करने के बाद मैच जारी रखने के लिये हरी झंडी दिखा दी.

इसके बावजूद तय नहीं था कि मैच हो पाएगा क्योंकि दृश्यता एक मसला था, लेकिन दर्शकों के लिये यह मायने नहीं रखता था. वे चार बजे से ही स्टेडियम में पहुंचने लग गये थे और शाम सात बजे मैच शुरू होने तक स्टेडियम का अधिकतर हिस्सा भर चुका था. चंद एक दर्शक ही ऐसे थे जो मास्क लगाकर आये थे.

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मोहिंदर अमरनाथ स्टैंड खचाखच भरा था जबकि बिशन सिंह बेदी स्टैंड में कुछ सीटें खाली थी. मैच आगे बढ़ने के साथ धुंध भी बढ़ गयी थी लेकिन इससे दर्शकों पर कोई असर नहीं पड़ा.

उत्तम नगर से आये एक दर्शक परमानंद ने कहा, ‘‘हम आम कामकाज के लिये भी घर से बाहर निकल रहे हैं. दिल्ली में क्रिकेट मैच कभी कभी होते हैं इसलिए धुंध मायने नहीं रखती.’’ यहां तक कि कई माता पिता अपने बच्चों के साथ स्टेडियम में पहुंचे हुए थे और वे पूरे जोशोखरोश से भारतीय टीम का उत्साह बढ़ा रहे थे.