इंग्लैंड के खिलाफ बुधवार से शुरू होने वाले डे-नाइट टेस्ट से पहले भारतीय कप्तान विराट कोहली (Virat Kohli) ने कहा है कि वो पिंक बॉल की वजह से खेल में आने वाले बदलावों से घबराए नहीं है। टीम इंडिया के कप्तान का लक्ष्य मेहमान टीम की कमजोरी का फायदा उठाना है। Also Read - रविचंद्रन अश्विन को अब वो तारीफ मिल रही है जो सालों पहले मिलनी चाहिए थी: सबा करीम

मंगलवार को वर्चुअल प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कप्तान कोहली ने कहा, “हम वहीं करेंगे जो सालों से करते आए हैं यानि कि अच्छा क्रिकेट खेलेंगे। हमारा पूरा ध्यान हमारी टीम पर रहेगा। मुझे इंग्लैंड टीम की ताकत या कमजोरी से कोई मतलब नहीं है।” Also Read - Ind vs Eng: दो तरह की मिट्टी से मिलाकर बनाई गई है मोटेरा की पिच, पूर्व कप्तान धोनी ने किया था मिक्स ट्रेंड का समर्थन

कोहली ने कहा, “हमने उन्हें उनके घर पर हराया है जहां गेंद हरकत करती है। बात केवल एक टीम के तौर पर अच्छे से खेलने की है और हां मेहमान टीम में कई कमजोरियां है और हम उनका फायदा उठाएंगे। अगर पिच उनके सीम गेंदबाजों के लिए फायदेमंद होगी तो हमारे लिए भी होगी और हमारे पास बाकियों के मुकाबले विश्व का सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी अटैक है। इसलिए हमें गेंद से फर्क नहीं पड़ता। हम हर चुनौती के लिए तैयार हैं।” Also Read - India vs England: इंग्लैंड के खिलाफ चौथे टेस्ट में जसप्रीत बुमराह की जगह उमेश यादव को मिल सकता है मौका

चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम में खेले गए पहले टेस्ट मैच में हार के बाद टीम इंडिया ने दूसरे मैच में इंग्लैंड को 317 रनों से हराकर सीरीज में 1-1 से बराबरी कर ली है। ऐसे में तीसरा टेस्ट ना केवल सीरीज का विजेता घोषित करने में अहम भूमिका निभाएगा बल्कि दोनों टीमों की विश्व टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल में पहुंचने की उम्मीदें भी इसी मैच पर टिकी हुई हैं।

डे-नाइट टेस्ट में भारत के रिकॉर्ड की बात करें तो टीम इंडिया हाल ही में ऑस्ट्रेलिया दौरे पर एडिलेड में खेले गए पिंक बॉल टेस्ट में 36 रन पर ऑलआउट होने के बाद 8 विकेट से मैच हार गई थी। कोहली ने इस पारी की तुलना साल 2018 में न्यूजीलैंड के खिलाफ डे-नाइट टेस्ट में इंग्लैंड की उस पारी से की थी, जहां इंग्लिश टीम 58 रन के स्कोर पर ऑलआउट हो गई थी।

कोहली ने कहा, “दोनों ही अच्छी क्वालिटी टीमों के खराब अनुभव था। अगर आप इंग्लैंड टीम से (58 रन पर ऑलआउट होने के बारे में) ये सवाल पूछेंगे तो उनका जवाब भी ना होगा। आपको ये समझना होगा कि उस एक दिन वो चीज होनी ही थी। चीजें नियंत्रण से बाहर हो गईं और कुछ भी सही नहीं हुआ और हमारे साथ एडिलेड में वही हुआ। उस 45 मिनट को छोड़ दें तो हमने पूरे खेल में दबाव बनाए रखा था।”

भारतीय कप्तान ने आगे कहा, “हमें ऑस्ट्रेलिया में पिंक बॉल टेस्ट खेलने के अपने तरीके पर पूरा भरोसा है। ये इस तरह के अनुभव है जिससे हम कुछ ना कुछ सीखते हैं, ये कोई मानसिक घाव नहीं है क्योंकि हमने उस सीरीज में शानदार वापसी की थी।”