India vs England Test Series- Dilip Vengsarkar Praise Team India Fast Bowling Attack: भारतीय टीम के पास इन दिनों दुनिया का सर्वश्रेष्ठ पेस बॉलिंग अटैक है. भारत इंग्लैंड में अब 4-4 उच्च श्रेणी के तेज गेंदबाजों के साथ खेल रहा है, जिसने टीम इंडिया की धाक बढ़ा दी है. भारत के पूर्व कप्तान और पूर्व मुख्य चयनकर्ता दिलीप वेंगसरकर (Dilip Vengsarkar) भी भारतीय टीम की इस नई ताकत के कायल हैं. उन्होंने इसे ‘नए भारत’ की पहचान करार दिया है.Also Read - टी20 अंतरराष्ट्रीय के बाद क्या आरसीबी की कप्तानी छोड़ने का फैसला करेंगे विराट कोहली?

भारतीय टीम इन दिनों इंग्लैंड में 5 टेस्ट मैचों की सीरीज खेल रही है. यहां भारत ने लॉर्ड्स में खेले गए सीरीज के दूसरे मैच में इंग्लैंड को 151 रनों के बड़े अंतर से मात देकर सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली है. लॉर्ड्स के मैदान पर भारत की यह तीसरी ही जीत है. Also Read - कोविड 19 से उबरे Ravi Shastri, Bharat Arun और R. Sridhar, लेकिन भारत लौटने से पहले चाहिए यह सर्टीफिकेट

जब भारत ने पहली बार साल 1986 में लॉर्ड्स में जीत दर्ज की थी, तब दिलीप वेंगसरकर उस टीम का हिस्सा थे और उन्होंने उस मैच में शानदार शतकीय पारी अपने नाम की थी. वेंगसरकर लॉर्ड्स के मैदान पर लगातार 3 शतक जमाने वाले इकलौते विदेशी बल्लेबाज भी हैं. ऐसे में लॉर्ड्स की जीत के मायने वह भी खूब समझते हैं. Also Read - मार्क टेलर ने टेस्‍ट क्रिकेट के भविष्‍य पर जताई चिंता, 'Virat-Shastri जैसे लोगों की वजह से है जिंदा'

65 वर्षीय वेंगसरकर ने लॉर्ड्स की जीत पर अंग्रेजी दैनिक द टाइम्स ऑफ इंडिया को एक इंटरव्यू दिया है. इस इंटरव्यू में वेंगसरकर ने कहा, ‘विदेशों में अब भारतीय क्रिकेट के जो तूती बोल रही है उसका श्रेय उसे तेज गेंदबाजी विभाग को जाता है, जो भारतीय टीम की धाक बढ़ा रहा है.’ उन्होंने कहा, ‘तेज गेंदबाजी में क्रांति लाकर हमने जो अपनी संस्कृति में बदलाव किया है वह गजब है.’

भारत के लिए 116 टेस्ट और 129 वनडे खेलने वाले इस पूर्व कप्तान ने कहा, ‘शायद यह पहली बार है, जब हम 4 तेज गेंदबाजों के साथ खेले. मैं यह कहूंगा कि यह ‘नया भारत’ है क्योंकि इससे पहले हमने कभी ऐसा नहीं किया था. जब मैंने इंग्लैंड में 1979 में अपना पहला वर्ल्ड कप खेला था, हम तीन स्पिनर्स के साथ खेले थे! खेल के प्रति यह हमारे रवैये में काफी बड़ा बदलाव है. क्योंकि सीमर्स ने 20 में 19 विकेट निकाले हैं.’

वेंगसरकर ने विराट कोहली (Virat Kohli) और उनकी टीम के आक्रामक स्वभाव की भी प्रशंसा की. उन्होंने कहा कि जब विरोधी टीम लगातार आप पर आक्रामक रहना चाहे तो आपको जवाब देना ही होता है. आप लगातार शांत रहकर सामने वाले को हावी होने का मौका नहीं दे सकते.