इंग्लैंड के खिलाफ चौथे टेस्ट मैच से पहले भारतीय कप्तान विराट कोहली (Virat Kohli) ने पहली बार अहमदाबाद के मोटेरा स्टेडियम की पिच की आलोचना पर प्रतिक्रिया दी। कोहली ने कहा कि पिच को लेकर बेकार ही शोर मचाया जा रहा है। भारतीय कप्तान ने मेजबानों को अपना डिफेंस मजबूत कर मैच खेलने की सलाह दी। Also Read - Sanju Samson कप्‍तान के तौर पर IPL डेब्‍यू मैच में शतक जड़ने वाले पहले बल्‍लेबाज, इस मामले में अब बस विराट से पीछे

गुरुवार को होने वाले चौथे टेस्ट से पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कोहली ने कहा, ‘‘स्पिन होती पिचों के बारे में हमेशा ज्यादा हो-हल्ला और ज्यादा ही बातचीत होती है। मुझे पूरा भरोसा है कि अगर हमारी मीडिया उन विचारों का खंडन करने और ऐसे विचारों को पेश करने की स्थिति में है कि केवल स्पिन पिचों की ही आलोचना करना अनुचित है तो ही ये संतुलित बातचीत होगी।’’ Also Read - VIDEO: रियान पराग का गेंदबाजी एक्शन देख, फैंस ही नहीं क्रिस गेल भी हुए हैरान

कोहली ने तीसरे टेस्ट मोटेरा की पिच पर अपनी टीम विफलता के लिए बल्लेबाजों की तकनीक को जिम्मेदार ठहराया था। उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन दुर्भाग्यपूर्ण चीज ये है कि हर कोई स्पिन पिच के राग के साथ खेलता रहता है और जहां तक ये उपयोगी रहता है तब तक इसे खबर बनाए रखता है। फिर एक टेस्ट मैच होता है, अगर आप चौथे या पांचवें दिन जीत जाते हो तो कोई भी कुछ नहीं कहता लेकिन अगर ये दो दिन में खत्म हो जाता है तो हर कोई इसी मुद्दे को अलापता रहता है।’’ Also Read - IPL 2021, CSK vs DC: अर्धशतक जड़ रोहित-विराट की बराबरी पर आए Suresh Raina, डेविड वार्नर सबसे आगे

टी20 फॉर्मेट की वजह से कमजोर हो गया है बल्लेबाजों का डिफेंस

जब उनसे पूछा गया कि इस तरह की चुनौतीपूर्ण स्पिन पिचों पर विकेट बचाए रखने के लिए किस तरह के कौशल की जरूरत होती है तो कोहली ने मजबूत डिफेंस पर जोर दिया लेकिन साथ ही वो मानते हैं कि टी20 फॉर्मेट की वजह से अब ये भी मजबूत नहीं है। उन्होंने कहा, “डिफेंस सबसे जरूरी है। लेकिन सफेद गेंद के क्रिकेट के असर की वजह से टेस्ट क्रिकेट में लगातार नतीजे मिल रहे हैं, लेकिन ऐसा इसलिये हो रहा है कि क्योंकि बल्लेबाजी के रक्षात्मक हिस्से से समझौता किया जा रहा है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘इन दिनों चार-पांच सेशन तक खेलने पर ध्यान नहीं है, हर कोई बोर्ड पर तेजी से 300 से 350 रन जुटाना चाहता है। शायद लोग डिफेंस पर ध्यान नहीं दे रहे हैं, उन्हें अन्य फॉर्मेट में खेलने के लिए ढलना होता है इसलिये खेल में तेजी आ गई है। इसलिए निश्चित रूप से कौशल की जरूरत होती है और ये सिर्फ स्वीप शॉट खेलना नहीं होता। मेरे लिए ये डिफेंस है। बल्लेबाजी का ये पहलू थोड़ा पीछे हो गया है।’’

भारतीय खिलाड़यों ने कभी नहीं की पिच की शिकायत

कोहली ने न्यूजीलैंड में भारत को मिली एक हार का जिक्र किया जिसमें टीम तेज गेंदबाजों के मुफीद पिच पर जूझ रही थी। उन्होंने कहा कि किस तरह तब पिच की नहीं बल्कि बल्लेबाजों की तकनीक की आलोचना की गई थी।

उन्होंने कहा, ‘‘हम न्यूजीलैंड में 36 ओवर में तीसरे दिन ही हार गये थे। मुझे पूरा भरोसा है कि हमारे यहां किसी ने भी पिच के बारे में नहीं लिखा था। इसमें सिर्फ यही था कि भारत न्यूजीलैंड में कितना खराब खेला। किसी भी पिच की आलोचना नहीं की गई थी, पिच कैसा बर्ताव कर रही थी, गेंद कितनी मूव कर रही थी, पिच पर कितनी घास थी, इसे देखने कोई नहीं आया।’’

कोहली ने कहा कि उनकी टीम इनकी शिकायत करने के बजाय परिस्थितियों के हिसाब से ढलने की वजह से ही पिछले कुछ समय से सफलता हासिल कर रही है। उन्होंने कहा, ‘‘हमारी सफलता का कारण यही है कि हम जिस भी तरह की पिच पर खेले हों, हमने किसी भी पिच के बारे में शिकायत नहीं की और हम इस तरह से खेलना जारी रखेंगे। हमें खुद से ईमानदार होने की जरूरत है कि इस चीज को बार बार दोहराने के पीछे वजह क्या है और इसका उद्देश्य उन लोगों के लिये क्या है जो एक तरफा बातें करना जारी रखते हैं। ’’

उनसे तब पूछा गया कि घरेलू परिस्थितियों का फायदा उठाना दुनिया भर के दर्शकों को ध्यान में रखते हुए खेल के लिए अच्छा है तो उन्होंने कहा, ‘‘मुझे अच्छा लगता, अगर ये सवाल आप इंग्लैंड, न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया से पूछते। इस समय मेरे लिए इस सवाल का कोई मतलब नहीं है।’’