टीम इंडिया ने चेन्नई टेस्ट में इंग्लैंड को 317 रन की करारी शिकस्त देकर सीरीज में 1-1 की बराबरी कर ली है. रनों के लिहाज से यह भारत की 5वीं सबसे बड़ी जीत है. भारत की इस जीत में स्टार ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन (Ravichandan Ashwin) की भूमिका सबसे खास रही, जिन्होंने इस टेस्ट मैच में कुल 8 विकेट (पहली पारी में 5 और दूसरी में 3) और एक शानदार शतक जमाया. अश्विन की यह शतकीय पारी इसलिए भी खास है क्योंकि क्रिकेट के कई पूर्व दिग्गज इस टर्न होती विकेट को बैटिंग के लिए नामुमकिन मान रहे थे. लेकिन अश्विन ने यहां मैच की तीसरी पारी में शतक जमाकर आलोचकों की जुबान बंद कर दी. Also Read - India vs England, 4th Test: जानें कब और कहां देखें भारत-इंग्लैंड मैच की LIVE Streaming और LIVE टेलीकास्ट

मैच के बाद अपने बेहतरीन प्रदर्शन के लिए मैन ऑफ द मैच (Ashwin Man of The Match) चुने गए अश्विन कहा कि इस पिच पर बल्लेबाजों का गेंदबाजों पर दबाव बनाना जरूरी था. अश्विन ने कहा, ‘मैच से बाहर बैठे हुए लोग पिच की बाते कर रहे थे लेकिन मैं मानता हूं कि गेंद, जो पिच पर बहुत कुछ कर रही थी वह विकेट नहीं ले रही थी. यह बल्लेबाजों का दिमाग (दिमाग में डर) था, जो हमें विकेट दिला रहा था.’ Also Read - ICC 'Player of the Month': भारत के रविचंद्रन अश्विन समेत जो रूट और कायल मेयर्स को मिला नॉमिनेशन

इस स्टार खिलाड़ी ने कहा, ‘मैं यहां सालों से खेल रहा हूं और जानता हूं कि इस पिच पर मजबूत इरादे दिखाना जरूरी है. यहां बहुत जरूरी है कि बॉलरों पर दबाव बनाए रखा जाए. अगर एक बार आपने उन्हें सिर चढ़ने का मौका दे दिया तो फिर उनके लिए सब कुछ बहुत आसान होता चला जाएगा.’

अश्विन का यह घरेलू मैदान है और उन्होंने यहां पहली बार अपने टेस्ट करियर शतक जड़ा है. यह उनका 5वां टेस्ट शतक था. अपनी बल्लेबाजी पर बात करते हुए अश्विन ने कहा, ‘मैं बस खुद पर जिम्मेदारी लेना चाहता था और जैसे ही मैंने पहली गेंद कनेक्ट की तो मैं समझ गया कि मैं इस विकेट पर खेल सकता हूं.’

इस मौके पर अश्विन ने बल्लेबाजी को कोच विक्रम राठोड़ और उपकप्तान अजिंक्य रहाणे की भी तारीफ की, जिन्होंने उनकी बल्लेबाजी को लेकर काफी मदद की. रहाणे ने अश्विन को सलाह दी थी कि वह बैटिंग को लेकर बहुत ज्यादा न सोचें और बॉल के हिसाब से अपना खेल चलाएं.

अश्विन ने इस मौके पर अपनी बॉलिंग पर भी बात की और बताया कि उन्होंने यहां परिस्थितियों से तालमेल बैठाने की सभी संभव कोशिश की. उन्होंने यहां हवा के हिसाब से बॉलिंग की और अपनी गति, बॉल छोड़ने के तरीक, अलग-अलग एंगल को आजमाया जो उनके पक्ष में रहा। अश्विन ने इस मैच में कुल 8 विकेट अपने नाम किए. इस बीच उन्होंने उम्मीद जताई कि टीम इंडिया अपनी विजयी लय को सीरीज के बाकी बचे मैचों में भी कायम रखेगी.