भारतीय सलामी बल्लेबाज रोहित शर्मा (Rohit Sharma) ने चेन्नई की पिच को लेकर हो रही आलोचना के जवाब में रविवार को दिए बयान में कहा कि लोगों को पिच की बजाय खेल और खिलाड़ियों के बारे में बात करनी चाहिए।Also Read - BBL 2022: पाकिस्तान के युवा तेज गेंदबाज के बॉलिंग एक्शन पर उठे सवाल, अब लाहौर में होगा टेस्ट

दरअसल भारत और इंग्लैंड के बीच चल रही चार मैचों की सीरीज के पहले दो मैच चेन्नई के एमए चिंदरबम स्टेडियम में खेले गए थे। पहले मैच में इंग्लैंड ने 227 रनों से जीत हासिल की थी, जबकि दूसरे मैच में भारतीय टीम ने 317 रनों से रिकॉर्ड जीत दर्ज की। हालांकि इस दौरान पूर्व इंग्लिश कप्तान माइकल वॉन समेत कई दिग्गजों ने चेन्नई पिच को ‘टेस्ट क्रिकेट के लायक’ ना बताकर इसकी आलोचना की। लेकिन रोहित इन बातों से सहमत नहीं हैं। Also Read - Unmukt Chand ने रचा इतिहास, Big Bash League में खेलने वाले पहले भारतीय

24 फरवरी से शुरू होने वाले तीसरे टेस्ट से पहले वर्चुअल प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान रोहित ने कहा, “पिच दोनों टीमों के लिए एक जैसी थी। मुझे समझ नहीं आ रहा कि पिच को लेकर इतनी चर्चा क्यों हो रही है। दोनों टीमें एक ही पिच पर खेल रही थी और अगर लोग पिच के बारे में बात करना शुरू कर देंगे तो मैं केवल इतना कहना चाहूंगा कि भारत में हमेशा से इसी तरह की पिचें बनती आई हैं। मुझे नहीं लगता कि कुछ बदलाव हुआ है, हर कोई घरेलू मैदान का फायदा उठाता है, जब हम दौरों पर जाते हैं तो कोई हमारे बारे में नहीं सोचता तो हम दूसरों के बारे में क्यों सोंचे? हम अपनी टीम के हिसाब से चीजें करेंगे, घरेलू मैदान पर खेलने का यही मतलब है।” Also Read - IND vs SA: पहले वनडे में KL Rahul ने बताया टीम कॉम्बिनेशन, Venkatesh Iyer को मिलेगा मौका

रोहित ने कहा, “अगर आप घरेलू और विदेशी मैदान का फायदा निकाल देंगे तो फिर आईसीसी से कहें कि वो पिच को लेकर नियम बनाएं। भारत और भारत से बाहर एक ही तरह की पिचें बननी चाहिए। जब हम दौरों पर जाते हैं लोग हमारी लिए चीजें मुश्किल करते हैं। मुझे नहीं लगता है कि पिच को लेकर चर्चा की जरूरत है, खेल और खिलाड़ियों के बारे में बात करें। पिच के बारे में इतनी ज्यादा चर्चा नहीं होनी चाहिए।”

भारतीय बल्लेबाज ने आगे कहा, “बतौर बल्लेबाज, मैं खुद को पिच के हिसाब से ढालने पर ध्यान देता हूं। हम सब इसी वजह से यहां हैं। कई लोग क्रिकेट खेलने चाहते हैं लेकिन आप यहां हैं क्योंकि आप पिच को अच्छी तरह समझते हैं। आपके असफल होने की संभावना है लेकिन उससे फर्क नहीं पड़ता अगर आप उससे सीख ले रहे हैं। हमारी टीम चुनौतीपूर्ण स्थितियों में खेलने पर गर्व महसूस करती है, हमने कभी भी बाहर खेलते हुए शिकायत नहीं की। समीक्षकों को कहना चाहूंग कि खेल के बारे में बात करें, पिच के बारे में नहीं।”