नई दिल्ली : भारतीय पुरुष हॉकी टीम एशियन चैम्पियंस ट्रॉफी के अपने पहले मैच में गुरुवार को मेजबान ओमान से भिड़ेगी. मौजूदा विजेता के लिए यह मैच लय हासिल करने के लिहाज से काफी अहम होगा. टीम का हालिया प्रदर्शन निराशाजनक रहा था और एशियाई खेलों में टीम को सिर्फ कांस्य पदक से ही संतुष्ट रहना पड़ा था. ऐसे में सुल्तान काबूस स्पोटर्स कॉम्पलेक्स में होने वाला यह मैच भारत के लिए अपने आत्मविश्वास को हासिल करने के नजरिए से अहम है. Also Read - एशियाई चैम्पियंस ट्रॉफी 2018: जापान के खिलाफ भारतीय हॉकी टीम खेलेगी सेमीफाइनल

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भारत के लिए इस मैच से पहले यह आकंड़ा संतोषजनक हो सकता है कि दोनों टीमों के बीच हुए पिछले मैच में भारत ने ओमान को 7-0 से मात दी थी. यह मुकाबला इंडोनेशिया के जकार्ता में खेले गए एशियाई खेलों हुआ था. Also Read - PM Narendra Modi to visit 300-year-old Shiva Temple in Muscat | अोमान में 300 साल पुराने शिव मंदिर और मस्जिद का दौरा करेंगे पीएम मोदी

भारत के पूर्व कप्तान और देश के सबसे शानदार मिडफील्डरों में शुमार सरदार सिंह ने एशियाई खेलों के बाद संन्यास ले लिया था. भारत को इस टूर्नामेंट में मिडफील्ड में उनकी कमी बेशक खलेगी और देखना यह होगा कि टीम उनके स्थान की भरपाई कैसे करती है.

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कप्तान मनप्रीत में हालांकि सरदार की जगह लेना का माद्दा है लेकिन उनके लिए यह दोहरी जिम्मेदारी निभाना और मैदान पर संतुलन बनाए रखना आसान नहीं होगा. पहले मैच में इस बात का अंदेशा लग जाएगा कि भारत को कहां काम करने की जरूरत है और यह बात टीम को कोच हरेंदर सिंह को भी मालूम है. कोच का भी मानना है कि पहला मैच आने वाले मैचों की तैयारी के लिए अहम है.

कोच ने कहा, “पहला मैच हमें मेलिशया, पाकिस्तान, दक्षिण कोरिया के खिलाफ होने वाले मुश्किल पूल मैचों की तैयारी के लिए अपने आप को परखने का मौका देगा. हमारे लिए यह जरूरी है कि हम टूर्नामेंट की शुरुआत बुनियादी चीजों को सही करते हुए करें और आने वाले मैचों के लिए लय हासिल करें.”

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एशिया कप के दौरान टीम में काफी कमियां देखी गई थीं. शुरुआती मैचों में टीम ने आसान मुकाबलों में दनादन गोल किए थे लेकिन अहम मुकाबलों में टीम दबाव में बिखर गई थी. एक जो समस्या सामने आई थी वो थी संयोजन की. आक्रमणपंक्ति, मिडफील्ड और डिफेंस में सही संयोजन देखने को नहीं मिला था तो वहीं टीम की फीनिशिंग और सर्किल के अंदर गेंद को अपने पास न रख पाना भी एक बड़ी समस्या थी.

कोच का भी मानना है कि टीम को अच्छा करने के लिए अपनी पुरानी गलतियों से सीखना होगा और गलतियां कम करनी होंगी. कोच ने कहा, “हम जानते हैं कि हमारी टीम काफी अच्छी है जो विश्व की किसी भी टीम को मात दे सकती है, लेकिन कई बार चीजें आपके हित में नहीं होती हैं. टीम के लिए यह जरूरी है कि टीम अपना पूरा ध्यान 60 मिनट पर लगाए और दूसरी टीम को मौके नहीं दे. हमें इस बात को सुनिश्चित करना होगा कि हम वो गलतियां न दोहराएं जो हमने एशियाई खेलों में की थीं.” भारत अपने दूसरे मैच में चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान से 20 अक्टूबर को भिड़ेगा.