शीर्ष क्रम बल्लेबाजों के फेल होने के बाद निचले क्रम के बल्लेबाजों वर्नान फिलेंडर और केशव महाराज ने पुणे टेस्ट में एक बार दक्षिण अफ्रीका का मोर्चा संभाला। स्पिन गेंदबाजों रविचंद्रन अश्विन और रवींद्र जडेजा की शानदार गेंदबाजी के सामने दक्षिण अफ्रीका ने टी तक 7 विकेट खोकर 172 रन जोड़ लिए हैं।

लंच तक चार विकेट पर 74 रन बनाकर दूसरे सेशन में बल्लेबाजी करने आई दक्षिण अफ्रीकी टीम को पहली झटका जडेजा ने दिया। जडेजा ने लंच के बाद अपने पहले ही ओवर में क्विंटन डी कॉक को बोल्ड कर बड़ा विकेट हासिल किया। स्वीप लगाने की कोशिश में डी कॉक के बल्ले के अंदरूनी किनारे से लगकर गेंद सीधी मिडल स्टंप पर जा लगी।

डी कॉक के बाद छठां विकेट भी जडेजा के ओवर में ही आया। 44वें ओवर की पहली गेंद पर जड्डू ने टेम्बा बावुमा को बीट किया और एलबीडब्ल्यू की जोरदार अपील की, हालांकि अंपायर उनसे सहमत नहीं थे। गेंदबाज और विकेटकीपर से चर्चा के बाद कप्तान विराट कोहली ने डीआरएस का इस्तेमाल किया लेकिन बॉल ट्रैंकिंग में दिखा कि गेंद स्टंप पर नहीं लग रही थी, जिस वजह से नॉट आउट का फैसला बरकरार रहा। हालांकि अगली ही गेंद पर जडेजा ने बावुमा को स्लिप पर अजिंक्य रहाणे के हाथों कैच आउट करा हिसाब बराबर किया।

पुणे टेस्ट: भारतीय गेंदबाजों के सामने बेबस दिखी दक्षिण अफ्रीकी टीम; लंच तक स्कोर 74/4

दूसरे सेशन की तीसरा विकेट तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी ने लिया। शमी ने 45वें ओवर में सेनुरन मुथुसामी को अतिरिक्त उछाल से बीट किया और दूसरी स्लिप पर रोहित शर्मा ने अच्छा कैच पकड़ा। मुथुसामी के आउट होने के बाद फिलेंडर का साथ देने के लिए महाराज क्रीज पर आए।

पहली पारी की तरह सूझबूझ के साथ बल्लेबाजी करते हुए दोनों खिलाड़ियों ने टी तक आठवें विकेट के लिए 43 रन जोड़ लिए।