भारतीय टीम के कप्तान विराट कोहली ने अपने टेस्ट करियर में पहला दोहरा शतक एंटिगा के नार्थ साउंड स्टेडियम में मेजबान वेस्टइंडीज के खिलाफ जड़ा था. कोहली ने उस दोहरे शतक के अलावा इंग्लैंड के खिलाफ मुंबई में लगाए दोहरे शतक को विशेष बताया है. कोहली ने शुक्रवार को दक्षिण अफ्रीका के साथ जारी दूसरे टेस्ट मैच के दूसरे दिन अपने टेस्ट करियर का सातवां दोहरा शतक जमाया।

बीसीसीआई की आधिकारिक वेबसाइट ने कोहली के हवाले से लिखा है, “सभी दोहरे शतक लगाकर अच्छा लगा, लेकिन अगर आप मुझसे पूछेंगे तो मैं कहूंगा कि एंटिगा में और मुंबई में इंग्लैंड के खिलाफ लगाया गया दोहरा शतक खास है क्योंकि एक घर से बाहर और घर में चुनौतीपूर्ण परिस्थतियों में लगाया था.”

कोहली ने भारत के लिए सबसे ज्यादा दोहरे शतक लगाने की रेस में सचिन तेंदुलकर और वीरेंद्र सहवाग को पीछे छोड़ा है. इन दोनों के नाम टेस्ट में छह-छह दोहरे शतक हैं.

कोहली ने कहा, “भारत के लिए सबसे ज्यादा दोहरे शतक लगाकर मुझे अच्छा महसूस हो रहा है. शुरुआत में मैं बड़े स्कोर करने के लिए संघर्ष करता था, लेकिन जब मैं कप्तान बना तब आप अपने आप टीम के बारे में सोचते हो. आप अपने बारे में नहीं सोच सकते. इस प्रक्रिया में, आप जितनी सोचते हो उससे ज्यादा बल्लेबाज करने में सफल रहते हो.”

कोहली ने दूसरे दिन आठ घंटे तक बल्लेबाजी की. इस पर कप्तान ने कहा, “यह मुश्किल है लेकिन अगर आप टीम के बारे में सोचते हो तो आप जितनी बल्लेबाजी कर सकते हो उससे तीन-चार घंटे ज्यादा बल्लेबाजी कर जाते हो. यहां काफी उमस थी. मेरे लिए सिर्फ यही एक चुनौती थी. फिर रवींद्र जडेजा आए और उनके साथ आपको तेज भागना पड़ता है.”

जडेजा 6 नंबर पर बल्‍लेबाजी के लिए क्‍यों आए ? 

हनुमा विहारी इस मैच में नहीं खेल रहे हैं. उनके स्थान पर जडेजा को नंबर-6 पर भेजा गया था. इस पर कोहली ने कहा, “हमारी रणनीति साफ थी कि हमें 600 रन बनाने हैं और आज शाम तक उन्हें बल्लेबाजी पर बुलाना है. जड्डू ने बेहतरीन बल्लेबाजी की और इसी कारण मुझे ज्यादा जोखिम नहीं लेना पड़ा. साझेदारी ने चीजों को सही तरह से रख दिया और हम ने अंत में 15 ओवर गेंदबाजी भी की.