दिग्‍गज बल्‍लेबाज सुनील गावस्‍कर ने भारतीय टीम मैनेजमेंट की चयन प्रकिया पर गंभीर सवाल उठाए. वो भारतीय टीम के प्‍लेइंग इलेवन में बार-बार बदलाव से काफी नाराज हैं.

भारत-साउथ अफ्रीका के बीच विशाखापत्‍तनम टेस्‍ट में कमेंट्री करते हुए सुनील गावस्‍कर ने कहा, “रविचंद्रन अश्विन की प्रतिभा वाले खिलाड़ी को स्‍थाई तौर पर भारतीय प्‍लेइंग इलेवन का हिस्‍सा होना चाहिए. चाहे मैच भारत में हो या विदेशी जमीन पर, उन्‍हें मौका दिया जाना चाहिए. आप बिना कुछ किए ही आईसीसी के नंबर-1 गेंदबाज नहीं बन सकते हैं. अश्‍विन में दुनिया के किसी भी कोने में विकेट निकालने की क्षमता है. टीम मैनेजमेंट को इस बात को समझना होगा और उन्‍हें अश्विन का समर्थन करना होगा.”

विंडीज दौरे पर रविचंद्रन अश्विन भारतीय टेस्‍ट टीम का हिस्‍सा थे, लेकिन उन्‍हें दोनों ही मैचों में प्‍लेइंग इलेवन का हिस्‍सा बनने का मौका नहीं मिला था. अश्विन के स्‍थान पर जडेजा को विंडीज में मौका दिया गया था.

गावस्‍कर ने कहा, “मुझे याद है पिछले साल साउथ अफ्रीका दौरे पर भुवनेश्‍वर कुमार ने पहले ही टेस्‍ट मैच में काफी विकेट निकाले थे. वो गेंद को अच्‍छे से स्विंग करा पा रहे थे, लेकिन इसके बावजूद उन्‍हें टीम से ड्रॉप कर दिया गया था. इसी तरह मुरली विजय के साथ भी हुआ.”

“गावस्‍कर का मानना है कि टीम का चयन इस तरह किया जाए जिससे एक खिलाड़ी का आत्‍मविश्‍वास नीचे न गिरे. मेरा मतलब है कि ड्रेसिंग रूम के अंदर एक संवाद होगा, जिसके बारे में शायद हमें जानकारी नहीं हो.”

बता दें कि विशाखापत्‍तनम टेस्‍ट में रोहित शर्मा को बतौर सलामी बल्‍लेबाज मौका दिया गया है. इसके अलावा रिषभ पंत को टीम से बाहर कर उनकी जगह रिद्धिमान साहा को प्‍लेइंग इलेवन में शामिल किया गया.