भारतीय टीम को आज इंदौर के होल्‍कर स्‍टेडियम में श्रीलंका का सामना करना है. पहला मैच बारिश के चलते धुल जाने के बाद दोनों टीमें इंदौर में साल की पहली जीत दर्ज करने के इरादे से मैदान में उतरेंगी. आईये आपको बताते हैं कैसा है इंदौर में भारत के अंतरराष्‍टीय क्रिकेट का इतिहास. Also Read - विश्व कप जीतकर हमने किसी पर एहसान नहीं किया, अब 2011 से आगे बढ़ने का समय है: गौतम गंभीर

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मध्य प्रदेश क्रिकेट संघ (एमपीसीए) के करीब 27,000 दर्शकों की क्षमता वाले होलकर स्टेडियम में वर्ष 2006 से लेकर अब तक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दो टेस्ट, पांच वनडे और एक टी20 मुकाबला आयोजित किया गया है. तीनों प्रारूपों के इन सभी आठ मैचों में भारत ने विपक्षी टीमों पर विजय हासिल की है. Also Read - पूर्व कप्तान कुमार संगाकारा ने बताया 2011 विश्व कप फाइनल में दोबारा टॉस कराने का कारण

भारत और श्रीलंका के बीच मंगलवार को खेला जाने वाला मैच होलकर स्टेडियम के इतिहास का दूसरा टी20 अंतरराष्ट्रीय होगा. इस मुकाबले के लिये दोनों टीमें गुवाहाटी से सोमवार शाम इंदौर पहुंच गयी.

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वैसे संयोग की बात है कि इस मैदान पर पहला टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबला भी भारत और श्रीलंका के बीच 22 दिसंबर 2017 को खेला गया था. मेजबान टीम ने इस मुकाबले में श्रीलंका पर 88 रन से जीत दर्ज की थी. यह समूचे मध्यप्रदेश के क्रिकेट इतिहास का पहला टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच भी था.

होलकर स्टेडियम बनने से पहले शहर में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मुकाबले नेहरू स्टेडियम में खेले जाते थे. नेहरू स्टेडियम के साथ भारत और श्रीलंका की क्रिकेट टीमों की 22 साल पुरानी बुरी याद भी जुड़ी है.

अर्जुन रणतुंगा की कप्तानी वाली श्रीलंकाई टीम भारत के खिलाफ 25 दिसंबर 1997 को आयोजित वनडे मैच खेलने नेहरू स्टेडियम पहुंची थी. श्रीलंका की बल्लेबाजी से मैच की शुरूआत हुई थी.

हालांकि, मेहमान टीम ने शुरूआती तीन ओवर के बाद ही नेहरू स्टेडियम की पिच को खराब बताते हुए इस पर खेलने से इंकार कर दिया था. इसके बाद रणतुंगा ने तत्कालीन भारतीय कप्तान सचिन तेंदुलकर से पिच को लेकर चर्चा की थी. दोनों कप्तानों की सहमति से मैच रद्द कर दिया गया था.