इंदौर: भारत और वेस्टइंडीज के बीच होलकर स्टेडियम में 24 अक्टूबर को प्रस्तावित एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच के भविष्य को लेकर गेंद अब बीसीसीआई के पाले में है, क्योंकि मुफ्त टिकटों (मानार्थ पास) को लेकर मतभेद बढ़ने के बाद मध्यप्रदेश क्रिकेट संघ (एमपीसीए) इस मुकाबले के आयोजन से कदम पीछे खींचता दिखाई दे रहा है. Also Read - Women's T20 Challenge: कोरोना संक्रमित पाई गईं महिला टीम की तेज गेंदबाज मानसी जोशी, नहीं जाएंगी UAE

एमपीसीए के सेक्रेटरी मिलिंद कनमड़ीकर ने मंगलवार को कहा, “इतने सीमित समय में अब हमारे लिए यहां 24 अक्टूबर को भारत-वेस्टइंडीज मैच का आयोजन संभव नहीं रह गया है.” Also Read - Women’s T20 Challenge: बीसीसीआई ने 3 टीमों का किया ऐलान, हरमनप्रीत, मंधाना और मिताली बनीं कप्तान

बता दें कि इंदौर के होलकर स्टेडियम की क्षमता करीब 27,000 दर्शकों की है जिसमें साउथ पवेलियन ब्लॉक की 7,200 सीटें शामिल हैं. देश के अन्य स्टेडियमों के मुकाबले होलकर स्टेडियम छोटा है और इस कारण यहां हर अंतरराष्ट्रीय मैच के वक्त टिकटों की बड़ी मारामारी होती है. Also Read - जन्मदिन के मौके पर जानें भारतीय स्टार ऑलराउंडर हार्दिक पांड्या के संघर्ष की कहानी

कनमड़ीकर के मुताबिक, बीसीसीआई ने यहां भारत और वेस्ट इंडीज के बीच प्रस्तावित मैच को लेकर दोनों संगठनों के बीच किए जाने वाले औपचारिक करार की जो प्रति एमपीसीए को 17 सितंबर को सौंपी, उसमें प्रायोजकों और अन्य संबंधित पक्षों के लिए पवेलियन ब्लॉक के करीब 1,300 मुफ्त टिकटों की मांग की गई थी. लेकिन एमपीसीए अपने होलकर स्टेडियम की सीमित दर्शक क्षमता और स्वयं की जरूरतों के मद्देनजर बीसीसीआई को पवेलियन ब्लॉक के इतने टिकट देने की स्थिति में नहीं है.

एमपीसीए सेक्रेटरी ने कहा, “हमें मैच का कार्यक्रम बदले जाने के बारे में फिलहाल बीसीसीआई से न तो कोई औपचारिक सूचना मिली है, न ही मुफ्त टिकटों के मसले पर उनकी ओर से हमें कोई स्पष्ट जवाब दिया गया है.”

कनमड़ीकर ने बीसीसीआई से मांग की कि वह अपने नए संविधान के उस प्रावधान को लेकर स्थिति स्पष्ट करे, जिसमें देश में अंतरराष्ट्रीय मैचों की मेजबानी के संदर्भ में कहा गया है कि क्रिकेट स्टेडियम की किसी भी टिकट श्रेणी की कुल सीट क्षमता के अधिकतम 10 प्रतिशत टिकटों को प्रायोजकों और अन्य लोगों को मुफ्त बांटा जा सकता है.

एमपीसीए सेक्रेटरी ने कहा, “बीसीसीआई अपने नए संविधान के संदर्भ में स्पष्ट करे कि 10 प्रतिशत मुफ्त टिकटों का यह कोटा केवल उसके लिए है या बीसीसीआई और संबंधित राज्य क्रिकेट संघ, दोनों के लिए मुफ्त टिकटों का 10-10 फीसदी कोटा तय किया गया है.”