खेल मंत्री किरेन रिजीजू ने सरकार के महत्वाकांक्षी ‘टारगेट ओलंपिक पोडियम जूनियर स्कीम’ का हवाला देते हुए शनिवार को कहा कि भारत 2028 लॉस एंजिल्स ओलंपिक की पदक तालिका में शीर्ष 10 में जगह बनाने में सफल रहेगा।Also Read - IND vs SA: दो खेमों में बंट चुकी है भारतीय टीम, दानिश कानेरिया बोले- विराट खेमा नहीं कर रहा बात

रीजीजू ने कहा, ‘‘हम कोई कसर नहीं छोड़ेंगे। हम देश को खेलों का महाशक्ति बनने के हर भारतीय के सपने को पूरा करने पर काम कर रहे हैं।” Also Read - Shikhar Dhawan को टी20 वर्ल्ड कप से बाहर करना सही फैसला नहीं था, ओपनिंग KL Rahul की जगह नहीं: Sanjay Bangar

उन्होंने कहा कि ‘टारगेट ओलंपिक पोडियम जूनियर स्कीम’ में 10 -12 साल की उम्र के बच्चों के प्रतिभा को विकसित किया जा रहा है जिससे उन्हें लॉस एंजिल्स खेलों के लिए तैयार किया जा सके। वो ‘इंडिया टुडे माइंडरॉक्स’ कार्यक्रम के दौरान आने वाले वर्षों में भारत के उद्देश्यों और लक्ष्यों के बारे में बता रहे थे। Also Read - BCCI की नई कॉन्ट्रैक्ट लिस्ट होगी जारी, क्या Ajinkya Rahane और Cheteshwar Pujara बचा पाएंगे अपना ग्रेड

रीजीजू ने कहा कि प्रतिभाशाली युवाओं को विश्व चैंपियन बनाने के लिए विश्व स्तरीय कोचिंग सुविधा प्रदान की जा रही हैं।उन्होंने कहा, ‘‘हमारा उद्देश्य बहुत स्पष्ट हैं, हमने ‘टारगेट ओलंपिक पोडियम जूनियर स्कीम’ बनाई है। इसका मतलब है कि हम 10-13 वर्ष की आयु के बच्चों को 2028 लॉस एंजिल्स ओलंपिक तक विश्व चैंपियन बनने के लिए तैयार होंगे।’’

उन्होंने कहा, ‘‘इस योजना को शुरू करके हम युवा प्रतिभाओं की पहचान कर रहे हैं। यह कम उम्र में प्रतिभाओं की पहचान करने और विश्व स्तर के कोचों की निगरानी में उनके प्रशिक्षण की पूरी जिम्मेदारी लेने की प्रक्रिया में है।’’

रीजीजू ने कहा कि हमने भारतीय कोचों द्वारा एलीट एथलीटों को प्रशिक्षण देने पर वेतन की ऊपरी सीमा दो लाख रुपये को हटाने की घोषणा की है जिससे वे प्रोत्साहित हो सकें।

उन्होंने कहा, ‘‘मैंने कई विदेशी कोचों के अनुबंध को आगे बढ़ा दिया है और भारतीय कोचों के लिए वेतन की ऊपरी सीमा दो लाख रुपये को हटा दिया है। हमारा लक्ष्य 2028 ओलंपिक तक देश पदक तालिका में शीर्ष 10 में जगह दिलाना है। मैं इसे लेकर स्पष्ट हूं। हमने उसके लिए योजना बनाकर उसका क्रियान्वयन शुरू कर दिया है।’’