भारतीय मुक्केबाजी महासंघ (BFI) ने खुलासा किया है कि भारत नवंबर-दिसंबर में महिला और पुरुष एशियाई मुक्केबाजी चैंपियनशिप की मेजबानी करेगा। बीएफआई ने  भरोसा जताया कि तब तक कोविड-19 महामारी पूरी तरह से नियंत्रण में आ चुकी होगी। Also Read - मध्य प्रदेश उपचुनाव: कमल नाथ का शिवराज पर तंज- अपने क्षेत्र का विकास न कर पाने वाला प्रदेश की तस्वीर क्या बदलेगा, मेरे क्षेत्र को देखो

भारत ने पिछली बार पुरुष एशियाई चैंपियनशिप का आयोजन मुंबई में 1980 में किया था जबकि महिला चैंपियनशिप की मेजबानी 2003 में हिसार में की थी। पिछले साल से टूर्नामेंट में पुरुष और महिला वर्ग के मुकाबलों का आयोजन एक साथ होने लगा। Also Read - IPL 2020 CSK vs KKR Highlights: कोलकाता नाइटराइडर्स के खिलाफ चेन्नई सुपरकिंग्स की जीत की ये रही 5 बड़ी वजह

बीएफआई के कार्यकारी निदेशक आरके सचेती ने पीटीआई को बताया, ‘‘एशियाई मुक्केबाजी परिसंघ की बैठक के बाद फरवरी में हमें मेजबानी का अधिकार दिया गया था। टूर्नामेंट का आयोजन नवंबर-दिसंबर में किया जाएगा और चीजों के सामान्य होने के बाद मेजबान शहर पर फैसला होगा।’’ Also Read - बिहार में चुनाव प्रचार रथ निकालेगी भाजपा, कहा- आरजेडी का जंगलराज याद दिलाएंगे

उन्होंने कहा, ‘‘इसमें कोई संदेह नहीं है कि ये असाधारण स्थिति है लेकिन हमें उम्मीद है कि जून तक इसे नियंत्रित कर लिया जाएगा। इसके बाद सामान्य गतिविधियों को शुरू करने में तीन से चार महीने लगेंगे।’’

इस प्रतियोगिता का आयोजन आम तौर पर दो साल में एक बार होता है लेकिन पिछली कुछ प्रतियोगिताएं लगातार सालों में आयोजित हो चुकी है। सचेती ने कहा, ‘‘बोली जनवरी में मांगी गई थी। कोविड-19 से जुड़ी स्थिति में थोड़ा सुधार होने के बाद एशियाई मुक्केबाजी परिसंघ इसकी औपचारिक घोषणा करेगा।’’

कोरोना वायरस संक्रमण के कारण भारत में अब तक 300 से अधिक जबकि दुनिया भर में एक लाख से अधिक लोगों की जान जा चुकी है।

सचेती ने कहा, ‘‘चैंपियनशिप के लिए हमने जो विंडो रखी है उससे हमें योजना बनाने के लिए समय मिलेगा। अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (आईओसी)के अनुसार ओलंपिक क्वालीफिकेशन कार्यक्रम भी नवंबर-दिसंबर के आसपास शुरू होगा। अगर अन्य जगहों पर भी चीजें शुरू होती हैं तो फिर हम चैंपियनशिप का आयोजन कर सकते हैं। यही कारण है कि अब तक हमने मेजबान शहर का फैसला नहीं किया है। लाकडाउन खत्म होने तक हमें इस पर चर्चा के लिए इंतजार करना होगा।’’

कोरोना वायरस संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए लगाया गया लाकडाउन मंगलवार को खत्म हो रहा है लेकिन इसे बढ़ाए जाने की संभावना है क्योंकि राज्य सरकारें पाजीटिव मामलों में बढ़ोतरी से जूझ रही हैं। कोविड-19 के कारण खिलाड़ियों की ट्रेनिंग प्रभावित हुई है और कोच मुक्केबाजी सहित अन्य खेलों में आनलाइन ट्रेनिंग दे रहे हैं। भारत के अब तक नौ मुक्केबाजों ने तोक्यो ओलंपिक के लिए क्वालीफाई किया है जिसमें पांच पुरुष और चार महिला मुक्केबाज शामिल हैं।