India Women vs England Women: इंग्‍लैंड के खिलाफ जारी टेस्‍ट मैच के दौरान भारतीय महिला स्पिनर स्‍नेह राणा (Sneh Rana) ने तीन विकेट हॉल अपने नाम कर खेल के सबसे लंबे फॉर्मेट में शानदार डेब्‍यू किया. पहले दिन का खेल खत्‍म होने के बाद स्‍नेह ने अपने इस प्रदर्शन का श्रेय दिवंगत पिता को दिया. राणा के तीन विकेट और दीप्ति शर्मा (Deepti Sharma) के दो विकेटों के दम पर ही टीम इंडिया ने स्‍टंप तक इंग्‍लैंड (INDw vs ENGw) को छह विकेट के नुकसान पर 269 रनों पर पहुंचा दिया है.Also Read - इंग्‍लैंड में भारतीय महिला टीम पर ICC ने लगाया जुर्माना, दूसरे टी20 मैच में मिली है जीत

स्‍नेह राणा (Sneh Rana) के पिता का निधन इंग्‍लैंड दौरे के लिए टीम का ऐलान होने से कुछ दिन पहले ही हुआ था। राणा ने अपने डेब्‍यू टेस्‍ट के पहले दिन 77 रन देकर तीन विकेट लिये। एक समय में मजबूत स्थिति में दिख रही इंग्‍लैंड के सामने भारत को मैच में वापसी कराने में अहम भूमिका निभाई। Also Read - INDw vs ENGw: मैं और Shafali Verma 15-16 ओवर तक करना चाहते हैं बैटिंग: Smriti Mandhana

पहले दिन के खेल के बाद स्‍नेह राणा (Sneh Rana) ने प्रेस कांफ्रेंस में कहा ,‘‘ कुछ महीने पहले मेरे पिता का निधन हो गया था । टीम की घोषणा होने से कुछ दिन पहले मैने उन्हें खो दिया । यह काफी कठिन था और भावुक भी क्योंकि वह मुझे भारत के लिये खेलते देखना चाहते थे ।’’ Also Read - IND W vs ENG W- 3rd T20I, Live Streaming: T20 की फाइनल जंग, यहां देख सकते हैं भारत-इंग्लैंड मैच का Live Telecast

उन्होंने कहा ,‘लेकिन वह नहीं देख सके । यह जिंदगी का हिस्सा है लेकिन मैने जो कुछ किया और आगे भी जो कुछ करूंगी, वह उन्हें ही समर्पित होगा ।’’

इंग्लैंड ने आखिरी सत्र में सात ओवर में 21 रन के भीतर चार विकेट गंवा दिये. राणा ने कहा ,‘‘ शुरूआत में पिच कुछ धीमी थी लेकिन स्पिनरों को मदद मिली. यह बल्लेबाजी के लिये अच्छी विकेट थी और मुझे लगता है कि कल भी ऐसी ही रहेगी.’’

उन्होंने कहा कि अपने चयन के बारे में उन्हें टीम की बैठक में पता चला । उन्होंने कहा ,‘‘ अभ्यास सत्र में हम कप्तान और कोच से बात करते हैं कि कैसे करना है, कहां गेंद डालनी है वगैरह. मैं पहली बार टेस्ट खेल रही हूं जिसमें माहौल वनडे या टी20 से अलग होता है. हम इसके बारे में रोज बात करते थे.’’

कोच रमेश पवार (Ramesh Powar) ने राणा को अपनी ताकत पर फोकस करने के लिये कहा. राणा ने कहा ,‘‘बाहर से देखने वालों को बेहतर पता होता है ।उन्हाोंने मुझ पर दबाव नहीं बनाया लेकिन कहा कि अपनी ताकत पर फोकस करूं और बेसिक्स नहीं छोड़ूं. इसलिये मैने कुछ अतिरिक्त नहीं किया । मैं अपनी ताकत पर ही फोकस करते हुए गेंद डालती रही.’’

पांच साल बाद टीम में वापसी करने वाली राणा को घरेलू क्रिकेट में अच्छे प्रदर्शन का फायदा मिला. उन्होंने कहा ,‘‘कई लोगों को लगता है कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटमें वापसी संभव नहीं है , खासकर महिला क्रिकेट में. मुझे उम्मीद है कि मेरी वापसी से कुछ लोगों को प्रेरणा मिलेगी और वे हार नहीं मानेगे.’’