नूर सुल्तान (कजाकिस्तान): भारत के लिए यहां जारी विश्व कुश्ती चैम्पियनशिप के 65 किलोग्राम भारवर्ग में कांस्य पदक अपने नाम करने वाले बजरंग पुनिया ने कहा कि वह इस पदक को जीत न मानकार आने वाली चुनौतियों का सामना करेंगे. पुनिया ने शुक्रवार को शानदार प्रदर्शन करते हुए कांस्य पदक के मुकाबले में मंगोलिया के तुल्गा ओचिर को एक करीबी मुकाबले में 8-7 से पराजित किया. उन्होंने ट्वीट किया, “कुछ हार ऐसी सीख सिखा जाती है जो जीतने पर शायद कभी न मिले. इस कांस्य पदक को जीत न मानकर, मैं आने वाली चुनौतियों के लिए इसे एक स्मारिक बनाकर प्रेरित होता रहूंगा.”

पुनिया ने उन सभी लोगों को भी धन्यवाद दिया जिन्होंने उनका समर्थन किया. उन्होंने ट्वीट किया, “मैं आप सभी को तह-ए-दिल से धन्यवाद करता हूं. मैं अपने आप को बहुत भाग्यशाली मानता हूं. जो लगातार आप सभी ने मुझे प्यार और समर्थन दिया है. इस उपलब्धि का हकदार हर वो इंसान है जिसने इस सपने को साकार करने के लिए अपना योगदान दिया है.”

ओचिर के खिलाफ हुए मुकाबले में पुनिया की शुरुआत अच्छी नहीं रही थी. एक समय वह 0-6 से पीछे थे लेकिन बाद में उन्होंने वापसी करते हुए पदक अपने नाम कर लिया. ओचिर ने मुकाबले की शुरुआत में ही बजरंग को मैट से बाहर कर दबाव में ला दिया. उन्होंने बजरंग की हाथों पर मजबूत पकड़ बनायी जिससे यह भारतीय पहलवान जवाबी हमला नहीं कर पाया. इसके बाद ओचिर ने चार अंक हासिल कर 6-0 की बढ़त कायम कर ली.

बजरंग ने दूसरे पीरियड में अपने अंदाज में जवाबी हमले के साथ वापसी की. उन्होंने पहले विरोधी खिलाड़ी की बढ़त को कम किया और फिर एक अंक की बढ़त हासिल कर करीबी मुकाबले को 8-7 से अपने नाम कर लिया. दहिया ने पुरूषों के 57 किग्रा भार वर्ग में अपने मजबूत प्रतिद्वंद्वी ईरान के एशियाई चैंपियन रेजा अत्री नागर्ची को 6-3 से हराया. अपने अभियान में कुछ चोटी के पहलवानों को हराने वाले दहिया सेमीफाइनल में रूस के विश्व चैंपियन पहलवान जौर उगएव से 4-6 से हार गये थे.

उन्होंने इससे पहले आर्मेनिया के 61 किग्रा में यूरोपीय चैंपियन आर्सन हारुतुनयान और फिर क्वार्टर फाइनल 2017 के विश्व चैंपियन और विश्व में नंबर तीन युकी तकाहाशी को हराया था. बजरंग ने विश्व चैम्पियनशिप से पहले बुल्गारिया के दान कोलोव, चीन में एशियाई चैम्पियनशिप, रूस के अली अलियेव और तिबलिसि ग्रांप्री में स्वर्ण पदक हासिल किया था.

बजरंग पूनिया व रवि दहिया ने बढ़ाया देश का मान, विश्व कुश्ती चैंपियनशिप में जीता कांस्य पदक