नई दिल्ली. भारत और अफगानिस्तान के बीच एकमात्र टेस्ट 14 जून से बेंगलुरू में शुरू हो रहा है. ये इंटरनेशनल पटल पर अफगानी खिलाड़ियों का पहला टेस्ट होगा. वहीं दूसरी ओर टीम इंडिया के पास 521 टेस्ट खेलने का अनुभव है. लेकिन, इसके बावजूद अफगानिस्तान उसके लिए खतरा बना है. और, इस खतरे की वजह है अफगानी फिरकी यानी की स्पिन गेंदबाजी. राशिद के नेतृत्व में अफगानी फिरकी ने व्हाइट बॉल क्रिकेट में खूब कहर ढाया है. और उम्मीद की जा रही है कि रेड बॉल क्रिकेट में भी उनका ये जलवा बरकरार रहेगा. दरअसल, क्रिकेट पंडितों के मुताबिक स्पिनर के लिए रेड बॉल पर ग्रिप बनाना व्हाइट बॉल के मुकाबले और भी आसान होता है, जिसका मतलब है टीम इंडिया के लिए खतरा.

टीम इंडिया आजमा रही ये पैंतरा

लेकिन, भारतीय टीम भी हाथ पर हाथ धर कर नहीं बैठने वाली. सामने इतने बड़े खतरे को देखकर उन्होंने भी इससे निपटने का समाधान ढूढ़ निकाला है. मिल रही जानकारी के मुताबिक टीम इंडिया ने ठीक वैसे ही दो स्पिनरों को नेट्स पर गेंदबाजी के लिए बुलाया है जो राशिद और मुजीब की तरह कलाई से गेंद को घुमाने की कला में माहिर हैं. ईएसपीएन क्रिकइन्फो के कॉरेसपॉन्डेंट शशांक किशोर के मुताबिक भारतीय बल्लेबाजों को प्रैक्टिस कराने के लिए शिविल कौशिक और युजवेंद्र चहल को भारतीय बेड़े से जोड़ा गया है.

कौशिक और चहल अफगानिस्तान के खिलाफ चुनी गई टीम इंडिया की टेस्ट टीम का हिस्सा नहीं हैं. इन दोनों को बस नेट्स पर भारतीय बल्लेबाजों रिस्ट स्पिन खेलने की प्रैक्टिस कराने के लिए बुलाया गया है.

प्रैक्टिस कर परफेक्ट बनने की तैयारी

बता दें कि IPL के दौरान भारतीय पिचों पर राशिद और मुजीब की फिरकी चर्चा का विषय रही थी. इन दोनों स्पिन को खेलने में महारत रखने वाले भारतीय बल्लेबाजों समेत दुनिया भर के बल्लेबाजों को अपनी रिस्ट स्पिन से खासा परेशान किया था. ऐसे में नेट्स पर कौशिक और चहल की कलाई की कलाकारी के खिलाफ प्रैक्टिस कर भारतीय बल्लेबाज उन्हें खेलने के लिए पूरी तरह से खुद को तैयार कर रहे हैं.