नई दिल्ली: वेस्टइंडीज के खिलाफ चल रहे पहले टेस्ट मैच में भारतीय टीम में कई फेर-बदल हुए है. एक तरफ इस टीम में कई युवा और नए खिलाड़ियों को मौका दिया गया है. वहीं, दूसरी तरफ टीम के कुछ दिग्गजों को इस मैच में जगह नहीं मिल पाई है. सबसे हैरान कर देने वाली बात तो ये है कि भारतीय स्पिनर रविचंद्रन अश्विन को फॉर्म में होने के बावजूद टीम में शामिल नहीं किया गया है. सूत्रों की मानें तो इसके पीछे कई कारण नजर हैं. कुछ लोगों का मानना है कि अश्विन और कप्तान विराट कोहली के संबंध ठीक नहीं हैं. इस वजह से अश्विन को टीम जगह नहीं मिली. क्रिकेट के जानकारों का कहना है कि ये फैसला अश्विन के करियर को ख़त्म होने का संकेत जैसा है.

भारतीय टीम के एक और दिग्गज हरभजन सिंह ने अश्विन को लेकर कहा कि अब अश्विन भारतीय क्रिकेट टीम के प्लेइंग इलेवन का हिस्सा नहीं बन सकते. उनके जगह पर अभी टीम के पास कई अच्छे विकल्प हैं. भज्जी ने कहा कि रविंद्र जडेजा के रूप में भारत के पास अभी सबसे बेहतरीन ऑलराउंडर है. हरभजन ने कहा कि अश्विन का रिकॉर्ड विदेशी पिचों पर उतना असरदार नहीं रहा है. 2018 में इंग्लैंड के सॉउथेम्प्टन में खेले गए चौथे टेस्ट मैच में जहां मोईन अली ने 9 विकेट लिए थे. वहीं आश्विन ने इस मैच में महज 3 विकेट ही झटके थे.

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भारतीय टीम में अश्विन का न होना कई सवालों को जन्म दे रहा है. भारतीय चयनकर्ताओं के इस फैसले से कई पूर्व खिलाड़ी भी हैरान है. कमेंट्री के दौरान सुनील गावस्कर ने यहां तक कहा था कि ये एक चौंकाने वाला निर्णय है कि जिस खिलाड़ी का टेस्ट करियर इतना अच्छा रहा हो वो टीम का हिस्सा नहीं है. इन सब के बीच भारत अपने पहले टेस्ट के तीसरे दिन का खेल खत्म होने तक 260 रनों की बढ़त हासिल कर चुका है. कप्तान कोहली और उपकप्तान रहाणे ने अर्धशतक जड़ कर टीम को एक मजबूत स्थिति में लाकर खड़ा कर दिया है.

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