ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पहले वनडे मैच में भारतीय गेंदबाजों ने 50 ओवर में 374 रन लुटा दिए. टीम इंडिया के प्लेइंग XI में जसप्रीत बुमराह (Jasprit Bumrah), मोहम्मद शमी (Mohammed Shami), युजवेंद्र चहल (Yuzvendra Chahal), रवींद्र जडेजा (Ravindra Jadeja) और नवदीप सैनी (Navdeep Saini) शामिल थे. भारतीय पेस अटैक से ऐसी उम्मीद नहीं थी कि बुमराह और शमी की अगुआई वाला पेस अटैक इतने रन लुटा देगा. अपने इस खराब प्रदर्शन से कुछ अनचाहे रिकॉर्ड अपने नाम कर लिए. Also Read - IND vs AUS: ऑस्ट्रेलिया को गाबा पर गुरूर था, भारत ने यूं किया चकनाचूर

टीम इंडिया के चार गेंदबाजों ने आज 60 से ज्यादा रन लुटाए. यह वनडे में दूसरी बार है जब भारत के 4 गेंदबाजों ने अपने कोटे के सभी ओवर फेंकने के बाद 60 या उससे ज्यादा रन दिए हैं. नवदीप सैनी, जसप्रीत बुमराह, रवींद्र जडेजा, युजवेंद्र चहल इन चारों ने अपने कोटे के 10 ओवरों में 60 से ज्यादा रन लुटाए. Also Read - IND vs AUS: भारत की जीत पर बोले- Virat Kohli, 'एडिलेड के बाद जिसने भी हम पर शक किया, वह अब गौर से देख ले'

चहल ने 10 ओवरों में 89 रन खर्च कर सिर्फ एक विकेट लिया. बुमराह ने 10 ओवरों में 73 रन देकर 1 विकेट हासिल किया. नवदीप सैनी ने भी 10 ओवरों में 83 रन लुटाए और सिर्फ एक ही सफलता उनके हाथ लगी. Also Read - गाबा में 32 साल पुरानी बादशाहत को भारत ने किया ध्‍वस्‍त, ऑस्‍ट्रेलिया को था गुरूर, जानें पूरा इतिहास

इसके अलावा चौथे गेंदबाज जडेजा थे, जिन्होंने 10 ओवरों में 63 रन लुटाए और उनके हाथ कोई भी विकेट नहीं लगा. भारत की ओर से मोहम्मद शमी थोड़े भाग्यशाली जरूर रहे, जो 60 के आंकड़े से 1 रन दूर रहे और उन्होंने 10 ओवर में 59 रन देकर 3 विकेट भी अपने नाम किए.

इससे पहले 2018 में गुवाहाटी में वेस्टइंडीज के खिलाफ भारत के 4 बॉलरों ने अपने कोटे के 10-10 ओवरों में 60 से ज्यादा रन दिए थे. इस मैच में प्रदर्शन के बाद चहल भारत के लिए 1 वनडे मैच में सबसे ज्यादा रन देने वाले स्पिनर भी बन गए हैं. चहल ने मार्कस स्टॉइनिस का एकमात्र विकेट लिया, जो खाता तक नहीं खोल पाए.

चहल से पहले यह अनचाहा रिकॉर्ड लेग स्पिनर पीयूष चावला के नाम था, जो उन्होंने 2008 में पाकिस्तान के खिलाफ 10 ओवरों में 85 रन खर्च कर बनाया था.

इनपुट: IANS