जमैका: भारत के गेंदबाजी कोच भरत अरुण को लगता है कि जसप्रीत बुमराह की मैदान पर बल्लेबाजों की हालात को भांपने की काबिलियत अद्भुत है और वेस्टइंडीज के खिलाफ शुरुआती टेस्ट में दूसरी पारी में उनका पांच विकेट चटकाना भारत के ‘तेज गेंदबाजी के सर्वश्रेष्ठ स्पैल’ में से एक था. बुमराह को विश्व कप के बाद एक महीने का ब्रेक दिया गया था. वह एंटीगा में पहली पारी के दौरान थोड़े धीमे दिखे थे लेकिन उन्होंने दूसरी पारी में वापसी करते हुए आठ ओवरों में सात रन देकर पांच विकेट हासिल किए, जिससे भारत ने विश्व टेस्ट चैम्पियनिशप के शुरुआती मैच में वेस्टइंडीज को 318 रन से मात दी थी.

अरुण ने यहां पत्रकारों से कहा, ‘‘बुमराह सोच-समझकर गेंदबाजी करने वाला गेंदबाज है. वह हालात से वाकिफ रहता है और अच्छी तरह सामंजस्य बिठा लेता है. अगर आप दूसरी पारी में उसकी लेंथ देखोगे तो उसे अच्छा मूवमेंट मिल रहा था. ’’ उन्होंने कहा, ‘‘मैंने किसी भारतीय का लंबे समय बाद इस तरह का स्पैल देखा. यह तेज गेंदबाजी का सर्वश्रेष्ठ स्पैल था. ’’

उन्होंने कहा कि कोच की प्राथमिकता यह सुनिश्चित करनी होती है कि रणनीति का उपयोग ‘परफेक्ट’ तरीके से हो क्योंकि फिर नतीजा अपने आप ही सही रहता है. बुमराह ने पहली पारी में 18 ओवर में पांच रन देकर एक विकेट प्राप्त किया था. अरुण ने कहा, ‘‘देखिये, विकेट तो नतीजा होता है लेकिन मैं हमेशा परिणाम को नहीं देखता. मैं इम्प्लीमेंटेशन के हिस्से को अहम मानता हूं और पहली पारी के बाद बुमराह से इसी पर चर्चा हुई थी. ’’

उन्होंने कहा, ‘‘पहली पारी में उसे गेंद को सही तरीके से पिच करने में मुश्किल हो रही थी. विकेट लेना चिंता की बात नहीं थी क्योंकि सही लाइन एवं लेंथ में गेंदबाजी करने की प्रक्रिया अंत में आपको विकेट दिलाएगी. ’’ अरुण ने कहा, ‘‘वह लगातार 140 की रफ्तार से गेंदबाजी कर रहा है और उसका एक्शन इस तरह का है कि बल्लेबाज को यह समझने में थोड़ा समय लगता है कि वह क्या करने की कोशिश कर रहा है. लेकिन वह काफी सटीक है तो ज्यादा घातक हो जाता है.’’