भारत अरुण को 2019 वर्ल्ड कप तक के लिए भारतीय टीम का बॉलिंग कोच नियुक्त किया गया है. अरुण इससे पहले भी 2014-16 तक रवि शास्त्री के टीम इंडिया के डायरेक्टर रहने के दौरान बॉलिंग कोच रह चुके हैं. शास्त्री ने कोच बनने के बाद ही अरुण को बॉलिंग कोच नियुक्त किए जाने की मांग की थी और अब बीसीसीआई ने शास्त्री की इस मांग पर मुहर लगा दी है. भारत अरुण और रवि शास्त्री 80 के दशक में अंडर-19 के दिनों से ही अच्छे दोस्त रहे हैं. अरुण एक खिलाड़ी के तौर पर बेहद कामयाब नहीं रहे, 80 के दशकर में उन्हें भारतीय टीम में एक मध्यम तेज गति के गेंदबाज के तौर पर जगह दी गई थी. आइए जानें कौन हैं भारतीय टीम के नए बॉलिंग कोच भारत अरुण. Also Read - टीम इंडिया के कोच शास्त्री ने लगावाई कोविड-19 वैक्सीन, ट्विटर पर पोस्ट की तस्वीर

जानिए कौन हैं भारतीय टीम के बॉलिंग कोच भारत अरुणः भारत अरुण का जन्म 14 दिसंबर 1962 को आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा में हुआ था. उन्हें 80 के दशक में महान तेज गेंदबाज कपिल देव के गेंदबाजी पार्टनर के तौर पर भारतीय टीम में शामिल किया गया. लेकिन अरुण इंटरनेशल क्रिकेट में सफल नहीं हो पाए. उन्होंने 1986 में श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट सीरीज के दौरान अपना डेब्यू किया और अपने पहले टेस्ट में 76 रन देकर 3 विकेट भी झटके लेकिन इसके बावजूद वह अपने करिय में 2 ही टेस्ट मैच खेल पाए जिसमें उन्होंने 4 विकेट झटके. इसके अलावा अरुण ने भारत के लिए वनडे मैच भी खेले लेकिन उनमें सिर्फ एक विकेट ले पाए. इस तरह भारत अरुण के नाम इंटरनेशनल क्रिकेट में कुल 5 विकेट ही दर्ज हैं. Also Read - IND vs ENG: चेन्नई टेस्ट के दौरान सिराज ने पकड़ी कुलदीप की गर्दन; वायरल हुआ वीडियो

भारत अरुण 1987-88 में रणजी ट्रॉफी जीतने वाली तमिलनाडु टीम के महत्वपूर्ण सदस्य थे. इसके अलावा अरुण के यादगार प्रदर्शनों में 1986-87 में दलीप ट्रॉफी में वेस्ट जोन के खिलाउ साउथ जोन की तरफ से भारत के पूर्ण ओपनर डब्ल्यू वी रमन के साथ छठे विकेट के लिए की गई 221 रन की रिकॉर्ड साझेदारी शामिल है, जिसमें अरुण ने 149 रन की शानदार पारी खेली थी. उनकी इस पारी की बदौलत साउथ जोन वेस्ट जोन के 516 रन के विशाल स्कोर के बावजूद पहली पारी की बढ़त लेने में कामयाब रहा था. Also Read - कोच शास्त्री की अपील, IPL के बाद भारतीय खिलाड़ियों को मिले दो हफ्तों का ब्रेक

भारत अरुण को दूसरी बार भारतीय टीम को बॉलिंग कोच बनाया गया है, उनका कार्यकाल 2019 के वर्ल्ड कप तक होगा.