नई दिल्ली: विंडीज दौरे के लिए भारतीय टीम का चयन 19 जुलाई को होना था लेकिन प्रशासकों की समिति (सीओए) और भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के बीच नए नियम को लेकर अस्पष्टता के कारण इसे दो दिन टाल दिया गया था और अब रविवार को तीन अगस्त से शुरू हो रहे विंडीज दौरे के लिए टीम चुनी जाएगी. एम.एस.के प्रसाद की अध्यक्षता वाली पांच सदस्यीय सीनियर चयन समिति मुंबई में वानखेड़े स्टेडियम में बैठक कर दिन में तकरीबन दो बजे के दौरान प्रेस कॉन्फ्रेंस कर टीम का ऐलान करेगी.

सीओए ने एक नया निमय निकाला है, जिसके तहत चयन समिति का कन्वेनर अब सचिव नहीं होगा. मुख्य चयनकर्ता के ऊपर ही सभी जिम्मेदारियां होंगी. वहीं चयन समिति को किसी भी तरह की मंजूरी के लिए सचिव या बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) की मंजूरी की जरूरत नहीं होगी. पहले चयन समिति को टीम चयन या वैकल्पिक खिलाड़ियों को चुनने के लिए सीईओ या सचिव की मंजूरी चाहिए होती थी. इसी नए नियम को लेकर बनी असंजस के कारण बीसीसीआई ने चयन समिति की बैठक को दो दिन के लिए स्थागित कर दिया था.

पहले ऐसी खबरें थी कि कप्तान विराट कोहली सीमित ओवरों में आराम कर सकते हैं लेकिन कोहली ने साफ कर दिया है कि वह चयन के लिए उपलब्ध होंगे. वहीं विश्व कप के बाद कई प्रकार की अटकलों का सामना कर रहे महेंद्र सिंह धोनी ने आराम की मांग की है. ऐसे में तय है कि ऋषभ पंत विंडीज जाएंगे, लेकिन दूसरे विकेटकीपर को लेकर दो-तीन नामों पर चर्चा हो सकती है. इनमें संजू सैमसन और ईशान किशन का नाम प्रमुख है.

कई नए चेहरों का आना तय माना जा रहा है, खासकर गेंदबाजी में. जसप्रीत बुमराह और मोहम्मद शमी, भुवनेश्वर कुमार को आराम दिया जा सकता है. तीनों अनुभवी गेंदबाजों की अनुपस्थिति चयन समिति को गेंदबाजी में बेंच स्ट्रैंग्थ को परखने और संभावित विकल्प तलाशने का मौका देगी. इस सूची में नवदीप सैनी प्रमुख हैं. वह विश्व कप में स्टैंड बाई में भी थी. खलील अहमद, आवेश खान, दीपक चाहर को विंडीज का टिकट मिलने की संभावना है.

बल्लेबाजी में मयंक अग्रवाल के आने की पूरी उम्मीद है. अब देखना होगा कि कोहली के चयन के लिए उपलब्ध होने की पुष्टि के बाद क्या चयनकर्ता विश्व कप में बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले रोहित शर्मा को आराम देते हैं या नहीं. न्यूजीलैंड दौरे गए पर गए शुभमन गिल का भी स्थान टीम में पक्का सा लग रहा है. केदार जाधव और दिनेश कार्तिक का टीम से बाहर जाना तय माना जा रहा है. इन दोनों के साथ विजय शंकर का नाम भी शामिल हो सकता है क्योंकि उनकी चोट की स्थिति को लेकर बोर्ड ने अब तक कोई अपडेट नहीं दिया है. शंकर को विश्व कप के दौरान चोट लगी थी.

वहीं, अगर टेस्ट की बात की जाए तो टीम के सभी प्रमुख खिलाड़ी लौटेंगे. लगभग वही टीम देखने को मिल सकती है जो आस्ट्रेलिया में आखिरी सीरीज खेली थी. एक-दो बदलाव की उम्मीद की जा सकती है. मसलन, युवा सलामी बल्लेबाज पृथ्वी शॉ चोटिल हैं. टेस्ट सीरीज तक वो फिट हो पाते हैं या नहीं इस पर अभी तक कुछ साफ नहीं है. लोकेश राहुल और मयंक को सलामी जोड़ी में देखा जा सकता है. पृथ्वी अगर नहीं जाते हैं तो उनकी गैरमौजूदगी में तीसरे सलामी बल्लेबाज को ढूढ़ना चयन समिति के लिए माथापच्ची का काम हो सकता है. ऐसे में मुरली विजय को एक बार फिर मौका दिया जा सकता है. भारत को विंडीज में तीन टी-20 और तीन वनडे मैचों की सीरीज के अलावा दो टेस्ट मैच भी खेलने हैं.