इंग्लैंड, वेस्टइंडीज की टीमें एक तरफ जुलाई में टेस्ट सीरीज खेलने की तैयारी कर रही हैं। साथ ही पाकिस्तान, ऑस्ट्रेलिया, श्रीलंका की टीमों ने भी मैदान पर अभ्यास शुरू कर दिया है। वहीं दूसरी तरफ भारतीय क्रिकेट टीम अब भी मैदान पर वापसी का इंतजार कर रही है। Also Read - यूनिस खान पर लगाए ग्रांट फ्लॉवर के आरोपों पर पाक टीम मैनेजमेंट की तरफ से आया ये बयान

इस बीच पूर्व भारतीय बल्लेबाज संदीप पाटिल (Sandeep Patil) ने बयान दिया कि क्रिकेट की वापसी से पहले भारतीय खिलाड़ी मानसिक रूप से मजबूत और इंजरी-फ्री रहने पर ध्यान लगाएं। Also Read - महेंद्र सिंह धोनी एक चैंपियन क्रिकेटर हैं : माइक हसी

‘स्टार स्पोर्ट्स’ ने पाटिल के हवाले से कहा, ‘‘ये काफी अनिश्चित समय है और किसी भी खिलाड़ी के लिए बिना चोट के वापसी करना बड़ी चुनौती है। लेकिन उन्हें याद रखने की जरूरत है कि इन सभी चुनौतियों से मजबूत मानसिकता के साथ निपटना होगा।’’ Also Read - सबूतों की कमी की वजह से श्रीलंका क्रिकेट ने 2011 विश्व कप 'मैच फिक्सिंग' जांच बंद की

उन्होंने कहा, ‘‘आपको धीमी शुरुआत करनी होगी और सुनिश्चित करना होगा कि आपका ध्यान पूरी तरह से चोट मुक्त वापसी कर रहे। यहां तक कि कीनिया के कोच के रूप में मेरे कार्यकाल के दौरान मैं हमेशा ध्यान देता था कि किसी टूर्नामेंट से पहले खिलाड़ी मानसिक रूप से मजबूत रहें।’’

भारत के लिए 1980 से 1984 के बीच 29 टेस्ट खेलने वाले 63 साल के पाटिल ने 1983 विश्व कप फाइनल में वेस्टइंडीज की मजबूत टीम के खिलाफ भारत की जीत का उदाहरण देते हुए कहा कि इस मैच से साबित होता है कि मानसिक मजबती से कैसे मैच जीते जा सकते हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘विश्व कप 1983 के फाइनल में हमारे 183 रन पर सिमटने के बाद हमने सोचा कि हमारी संभावना खत्म हो गई है। लेकिन दूसरी पारी के लिए मैदान पर पैर रखने से पहले हम सभी ने हार नहीं मानने का फैसला किया और बाकी सब कुछ इतिहास है।’’

भारत की विश्व कप विजेता टीम के सदस्य रहे पाटिल ने कहा, ‘‘गोर्डन ग्रिनिज, विव रिचर्ड्स जैसों को गेंदबाजी करना आसान काम नहीं था लेकिन हमारा ध्यान ट्रॉफी जीतने पर था इसलिए हम ऐसा कर पाए। इसलिए मानसिक रूप से परिपक्व होना क्रिकेटर ही नहीं बल्कि किसी भी खिलाड़ी के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।’’