सोशल मीडिया के दौर में किसी भी मशहूर शख्सियत को ट्रोल्स का सामना करना पड़ा है। चाहे अभिनेता हो या खिलाड़ी सभी सोशल मीडिया पर आलोचना झेलते हैं। भारतीय तेज गेंदबाज जयदेव उनादकट इससे अलग नहीं हैं। हालांकि उनादकट ने चुप रहने के बजाय ट्रोल्स को जवाब देने का फैसला किया है।

ईएसपीएन क्रिकइंफो से बातचीत में उनादकट ने कहा, “एक समय पर, मुझे ऐसा लगता है कि लोग काफी ज्यादा कठोर हो जाते हैं, इतने ज्यादा कि वो भूल जाते हैं कि हम भी इंसान हैं। लेकिन इतना कहने के बाद, आप हर एक के पास जाकर उनकी मानसिकता नहीं जान सकते। वो ये सब मजे के लिए करते हैं या फिर केवल ध्यान खींचने के लिए। लोगों ने मुझसे कहा है कि उन्हें लकेर परेशान ना हो और ये कहा है कि सोशल मीडिया ऐसी चीज है जिसमें मुझे देखना ही नहीं चाहिए।”

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उनादकट ने आगे कहा, “ऐसा कभी नहीं हुआ कि किसी ने मेरे सामने आकर ऐसा कुछ कहा हो। मुझे लगता है कि ये लोग केवल सोशल मीडिया पर ही ऐसा बातें करते हैं। सामने वो कुछ नहीं बोलेगे। इसी बात से पता चलता है कि इन बातों का महत्व उतना नहीं है जितना आप सोचते हैं।”

उनादकट ने हाल ही में रणजी ट्रॉफी 2019-20 के दौरान सौराष्ट्र के लिए खेले हुए बड़ौदा के खिलाफ मैच में 12 विकेट लेकर प्रथम श्रेणी क्रिकेट में 300 विकेट पूरे किए।

उनादकट ने अपनी इस उपलब्धि के बारे में ट्वीट कर अपने आलोचनों को जवाब दिया। उन्होंने लिखा, “वो कहते थे कि तुम राजकोट के होकर अच्छे तेज गेंदबाज नहीं बन सकते। मैंने उनकी कभी सुनी नहीं और ये तस्वीर मेरे लिए कई मायनों में खास है! हां मैंने बड़ौदा के खिलाफ मैच में 12 विकेट लिए लेकिन इसके साथ मैंने 300 प्रथम श्रेणी विकेट भी पूरे किए।”