कोविड-19 महामारी के बढ़ते प्रकोप के कारण इन दिनों विश्व में लगभग सभी खेल प्रतियोगिताएं या तो स्थगित कर दी गई हैं या उन्हें रद्द कर दिया गया है. खिलाड़ी इस समय अपने घरों में कैद होने को मजबूर हैं. इस वैश्विक वायरस की चपेट में आकर लगभग 15 हजार लोगों ने अपने जान गंवा दी है वहीं तीन लाख से अधिक लोग इससे संक्रमित हैं. भारत में इससे संक्रमित लोगों की संख्या पांच सौ के आसपास है जबकि इससे 9 लोगों की अब तक मौत हो चुकी है. Also Read - शोएब अख्तर के भारत-पाक वनडे सीरीज के प्रस्ताव पर जहीर अब्बास ने तोड़ी चुप्पी, दिया बड़ा बयान

बेंगलुरू के भारतीय खेल प्राधिकरण (साइ) केंद्र में ओलंपिक की तैयारी में जुटे भारतीय हॉकी खिलाड़ी कोविड 19 महामारी के कारण परिसर से बाहर नहीं जा सकते लिहाजा अभ्यास से इतर समय का सदुपयोग अंग्रेजी सुधारने, किताबें पढ़ने और अपनी मनपसंद बॉलीवुड फिल्में देखने में बिता रहे हैं. Also Read - कोरोना के कहर के बीच ऐसी गलती: हॉस्पिटल ने डिस्चार्ज कर दिए संक्रमित मरीज, हड़कंप

टोक्यो ओलंपिक 2020 के स्थगित होने की पूरी संभावना के बीच भारत की पुरूष और महिला हॉकी टीमों अपने निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार ही अभ्यास कर रही हैं. पहले इन खिलाड़ियों को ब्रेक मिलना था लेकिन फिर बेंगलुरू स्थित साइ केंद्र में ही रहने को कहा गया. खिलाड़ी परिसर से बाहर नहीं जा सकते और ना ही कोई अनधिकृत व्यक्ति परिसर के भीतर आ सकता है. Also Read - LOCKDOWN में भी इस तकनीक के जरिए कोहली एंड कंपनी की फिटनेस पर लगातार रखी जा रही नजर

गोलकीपर श्रीजेश किताबें पढ़कर बिता रहे समय

ऐसे में कड़े अभ्यास के बीच मनोरंजन के सभी के अपने तरीके हैं. पुरुष टीम के सीनियर सदस्य गोलकीपर पी आर श्रीजेश किताबें पढ़कर समय काट रहे हैं.

उन्होंने कहा, ‘वैसे तो हमारा अभ्यास का रूटीन काफी व्यस्त है लेकिन रविवार और बुधवार की शाम अवकाश रहता है. ऐसे में हम फिटनेस और रिकवरी पर ज्यादा ध्यान देते हैं. मैंने दा विंची कोड, हेलर केलर की आत्मकथा पढ डाली है और कुछ अच्छी किताबें और पढ़ना चाहता हूं.’

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केरल के रहने वाले श्रीजेश ने कहा कि ऐसे माहौल में खिलाड़ियों को घर की चिंता होना लाजमी है लिहाजा घरों पर वीडियो कॉल की संख्या भी बढ़ गई है. उन्होंने कहा, ‘मेरे पापा 60 से अधिक उम्र के हैं और बच्चे सात साल से छोटे हैं. मैंने उन्हें घर से बिल्कुल बाहर नहीं निकलने की हिदायत दी है.’

मनदीप सिंह अंग्रेजी सुधारने पर दे रहे जोर

वहीं जालंधर के रहने वाले भारत के स्टार फारवर्ड मनदीप सिंह ने कहा कि सभी खिलाड़ी अपनी अंग्रेजी सुधारने पर जोर दे रहे हैं जिसके लिये होमवर्क भी मिलता है.

उन्होंने कहा, ‘क्रिस सिरिएलो (भारतीय टीम के विश्लेषण कोच) की पत्नी सप्ताह में एक बार खिलाड़ियों की अंग्रेजी की क्लास लेती हैं. हमें किताबें पढ़कर असाइमनमेंट करने होते हैं और इसमें मजा आ रहा है. मैं ओलंपिक पर आधारित किताब पढ़ रहा हूं.’

सविता की मां घरेलू नुस्खा बताती हैं

भारतीय महिला टीम की अनुभवी गोलकीपर सविता की मां उन्हें हरियाणा के सिरसा से वीडियो कॉल पर रोज कोरोना संक्रमण से बचने के लिए घरेलू नुस्खा देती हैं. सविता का कहना है कि साइ सेंटर के सुरक्षित माहौल में होने से घरवाले भी निश्चिंत हैं.

उन्होंने कहा ,‘हम अभ्यास के साथ टीम बॉन्डिंग पर काम कर रहे हैं. वहीं सारे चेहरे रोज होते हैं तो हम रूममेट बदलकर आपसी तालमेल और बेहतर कर रहे हैं. इसके अलाव तैराकी करते हैं. मनोरंजक खेलों की जिम्मेदारी भी कुछ खिलाड़ियों को दी गई है जो कुछ ना कुछ नए खेल खिलाते हैं.’

भारतीय महिला टीम ने 22 मार्च को जनता कर्फ्यू के दिन शाम पांच बजे परिसर के भीतर ही तालियां बजाकर कोरोना वायरस के खिलाफ संघर्ष में जुटे लोगों को धन्यवाद दिया था.

सविता ने कहा ,‘हम बाहर नहीं जा रहे और जाना भी नहीं चाहते लेकिन हमें पता है कि हालात कितने कठिन हैं. हमें भी लगा कि पूरे देश के साथ इस मुहिम में जुडना चाहिए.’

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टीम की युवा खिलाड़ी नवनीत कौर ने बताया कि खिलाड़ी भी सफाईऔर दूरी बनाये रखने के निर्देशों का पालन कर रहे हैं. उन्होंने कहा ,‘यहां हर जगह हैंडवॉश और सेनिटाइजर रखे हैं. हम जिम भी सेनिटाइज होने के बाद इस्तेमाल करते हैं. इसके अलावा दूरी भी बनाकर रख रहे हैं.’

नवनीत ने बताया कि खाली समय में खिलाड़ियों ने मीटिंग रूम में कई मनपसंद फिल्में देख डाली. उन्होंने कहा ,‘आम तौर पर हम बाहर शॉपिंग या मूवी के लिए ही जाते थे. हमने पिछले सप्ताह मिले समय में कई फिल्में देखी जिनमें पानीपत, प्यार का पंचनामा, वॉर आदि शामिल थी.’

गौरतलब है इस वायरस ने सबसे पहले चीन के वुहान में पैर पसारना शुरू किया. इसके बाद इसने पूरी दुनिया को अपनी चपेट में ले लिया है. विश्व स्वास्थ्य संगठन ने इसे महामारी घोषित किया है.

(इनपुट-भाषा)