नई दिल्ली: भारतीय युवा मुक्केबाजों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए सर्बिया में रविवार रात को 36वें गोल्डन ग्ल्ब टूनार्मेट में 17 पदक हासिल किए जिसमें सात स्वर्ण, छह रजत पदक और चार कांस्य पदक शामिल हैं. सात स्वर्ण में से चार स्वर्ण पुरुषों ने जीते जबकि तीन सोने के तमगों पर महिलाओं ने कब्जा जमाया. तीन-तीन रजत पदक पुरुषों और महिलाओं के नाम रहे. कांस्य पदक जीतने के मामले में भारतीय महिलाएं आगे रहीं. उन्होंने तीन कांस्य पदक जीते. यह बताता है कि भारत के युवा मुक्केबाज बड़े स्तर पर खेलने को तैयार हैं.Also Read - India vs England 5th Test: भारतीय टीम के सभी खिलाड़ियों की कोरोना रिपोर्ट निगेटिव आई, खेला जा सकता है पांचवा टेस्ट मैच

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अमन ने 91 किलोग्राम से ज्यादा भारवर्ग में हंगरी के फेलफोल्डी लास्ज्लो को 5-0 से मात दी. वहीं बरुण सिंह ने सर्बिया के जोकसिमोविक लास्ज्लो को 49 किलोग्राम भारवर्ग में 3-2 से मात देते हुए स्वर्ण जीता. आकाश कुमार ने अर्जेटीना के मिर्को जेहिएल कुएलो को 56 किलोग्राम भारवर्ग में 3-2 से हरा भारत की झोली में एक और सोना डाला. विजयदीप ने भी 69 किलोग्राम भारवर्ग में भारत को सोना दिलाया. Also Read - Tokyo Paralympics 2020: PM मोदी ने Noida DM को सिल्‍वर जीतने पर दी बधाई, परिवार में जश्‍न

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इससे पहले भावेश सेमीफाइनल मुकाबले में मात खा गए थे और इस कारण उन्हें कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा. भारत की छह महिला खिलाड़ी फाइनल में पहुंची थीं जिनमें से नीतू, दिव्या और ललिता ने स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया. ज्योति, मनीषा, नेहा को रजत पदक से संतोष करना पड़ा. ललिता को 64 किलोग्राम भारवर्ग में सर्वश्रेष्ठ मुक्केबाज चुना गया.

यूथ वल्र्ड चैम्पियनशिप-2017 में स्वर्ण पदक जीतने वाली नीतू ने बिले के खिलाफ खेले गए मैच में शानदार प्रदर्शन किया. उन्होंने 48 किलोग्राम भारवर्ग में स्कॉटलैंड की बिलि डेनहोल्म को मात दी. भारतीय मुक्केबाज ने अपनी विपक्षी को 5-0 से करारी शिकस्त दी.

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दिव्या पवार ने स्थानीय खिलाड़ी डजाना ग्रुमुसा को अच्छी टक्कर दी. 54 किलोग्राम भारवर्ग के मुकाबले में भारतीय खिलाड़ी ने एकतरफा जीत दर्ज की. ललिता का मुकाबला रूस की एंजेलिना काबाकोवा से था जहां ललिता ने 5-0 से जीत हासिल की.

ज्योति, मनीषा और नेहा को फाइनल में हार का सामना करना पड़ा. ज्योति को 2018 की यूरोपियन चैम्पियन इटली की माटियाना ला पियाना ने मात दी. मनीषा को रूस की मालियुगानोवा ने हराया. नेहा कजाकिस्तान के मुक्केबाज का डटकर सामना नहीं कर सकीं. उन्हें दिना इस्लामबेकोवा ने हराया. सेमीफाइनल में मात खाने वाली अनामिका, साक्षी और उमेश को सेमीफाइनल में हार के साथ कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा.