नई दिल्ली. टीम इंडिया को न्यूजीलैंड के खिलाफ नेपियर वनडे में अगर 158 रन का मामूली लक्ष्य मिला. कीवी टीम अपने ही घर में, अपने ही मैदान पर और अपने ही लोगों के सामने खेलते हुए 200 रन का आंकड़ा पार करना तो दूर उसे छू भी नहीं सकी, तो इसमें भारतीय गेंदबाजों का दबदबा तो झलकता ही है लेकिन उसमें भी भारतीय फिरकी का सितम ज्यादा नजर आता है. भारतीय फिरकी मतलब कुलदीप और चहल की जोड़ी यानी कि ‘कुलचा’. भारत की इस स्पिन जोड़ी को ‘कुलचा’ वीरेंद्र सहवाग ने दिया है. भारत ने नेपियर वनडे में न्यूजीलैंड को समेटने के लिए 5 गेंदबाजों का इस्तेमाल किया जिसमें कुलचा ने 6 शिकार किए.

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भारतीय ‘कुलचे’ के आगे नतमस्तक ‘कीवी’

न्यूजीलैंड की टीम पहले खेलते हुए 157 रन के स्कोर पर ऑल आउट हो गई, वो भी सिर्फ 38वें ही ओवर में. यानी 50 ओवर खेलना तो दूर वो 40 ओवर भी नहीं टिक सके. 157 रन न्यूजीलैंड टीम का अपने घर में दूसरा सबसे कम स्कोर है. इससे पहले 1994 में उन्होंने ऑकलैंड वनडे में 142 रन बनाए थे. ये साल 2019 में न्यूजीलैंड की टीम का चौथा वनडे था, जिसमें वो इतने कम टोटल पर आउट हुए थे. इससे पहले खेले 3 वनडे में उन्होंने हर बार 300 रन का आंकड़ा पार किया था. साफ है भारतीय गेंदबाजी और खासकर टीम इंडिया की फिरकी ने कीवी टीम को लगातार चौथी बार 300 रन का आंकड़ा पार करने से रोक दिया.

कुलदीप का कमाल, कीवी बेहाल

भारतीय फिरकी में जो सबसे ज्यादा सफल रही वो कुलदीप यादव रहे. कुलदीप ने 10 ओवर में 39 रन देकर 4 विकेट लिए. इन 4 विकेटों के साथ उन्होंने कीवियों की कमर तो तोड़ी ही क्योंकि इसमें केन विलियम्सन का बड़ा विकेट शामिल था साथ ही कीर्तिमान भी बनाए. कुलदीप वनडे क्रिकेट में 2018 से अब तक सबसे ज्यादा 51 विकेट लेने वाले गेंदबाज बन गए हैं. इसके अलावा करियर के 36 वनडे खेलने के बाद वो अफगानिस्तान के राशिद खान के बाद सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले दूसरे गेंदबाज हैं. 36 वनडे के बाद राशिद के 83 विकेट हैं जबकि कुलदीप के 73 विकेट.

चहल ने दिया डबल झटका

कुलदीप के अलावा चहल ने 10 ओवर में 43 रन देकर 2 शिकार किए. उन्होंने इनफॉर्म रॉस टेलर और टॉप लाथम का विकेट लिया.