शुक्रवार को न्यूजीलैंड के खिलाफ होने वाले आगामी विश्व टेस्ट चैंपियन फाइनल (WTC Final) और इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज के लिए टीम का ऐलान करने के बाद बीसीसीआई (BCCI) ने भारतीय टीम के इंग्लैंड जाने का पूरा ट्रेवल प्लान तैयार कर लिया है। Also Read - WTC Final में किसका पलड़ा भारी; न्यूजीलैंड के मुकाबले बेहतर है भारतीय बल्लेबाजी क्रम

विराट कोहली (Virat Kohli) की अगुवाई में भारतीय टेस्ट टीम 25 मई को इकट्ठा होकर भारत में ही 8 दिन तक सेल्फ आइसोलेशन में रहेगी। जिसके बाद टीम यूके रवाना होगी और वहां पर फिर से 10 दिन तक क्वारेंटीन में रहेगी। Also Read - Ravindra Jadeja ने इंट्रा स्‍क्‍वाड मैच में खेली धमाकेदार पारी, कीवी टीम की बढ़ी मुश्किलें

एएनआई से बातचीत में बीसीसीआई अधिकारी ने इस खबर की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि टीम इंडिया के 2 जून को इंग्लैंड पहुंचने के बाद उनका क्वारेंटीन पीरियड दो हिस्सों में बांटा जाएगा। Also Read - WTC Final: चेतेश्वर पुजारा ने New Zealand को बताया मजबूत, कहा- भारत चुनौती के लिए तैयार

बोर्ड अधिकारी ने कहा, “आप लड़कों के 25 मई तक बबल में आने की उम्मीद कर सकते हैं जहां पर वो 8 दिन के क्वारेंटीन में रहेंगे, इस दौरान ना केवल उनका कोविड-19 टेस्ट होगा बल्कि इस दौरान कोई मूवमेंट (ट्रेनिंग) नहीं होगा चूंकि खिलाड़ी यूके शेड्यूल की तैयारी करेंगे।”

उन्होंने कहा, “2 जून को यूके पहुंचने के बाद लड़के 10 दिन के क्वारेंटीन में रहेंगे। लेकिन इस दौरान क्रिकेटर अभ्यास कर सकेंगे चूंकि वो भारत के बायो बबल से एक चार्टड प्लेन से इंग्लैंड के बायो बबल में प्रवेश करेंगे। एक बबल से दूसरे बबल में जाने की वजह से उन्हें ट्रेनिंग करने की इजाजत मिलेगी, भले ही इस दौरान लगातार टेस्टिंग नहीं होगी।”

भारतयी टीम इंग्लैंड के खिलाफ मैनचेस्टर में होने वाला सीरीज का पांचवां और आखिरी टेस्ट 14 सितंबर में खत्म करेगी। यानि कि भारतीय खिलाड़ी कुल तीन महीने तक यूके में रहेगी और इसी कारण अधिकारियों ने उन्हें परिवार को साथ ले जाने की अनुमति दी है।

अधिकारी ने कहा, “ना केवल दौरे पर, कोविड-19 बैन का मतलब है कि आप वेन्यू के आसपास भी नहीं घूम सकते हैं। टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल और इंग्लैंड के खिलाफ 4 अगस्त को ट्रेंटब्रिज में होने वाले पहले टेस्ट के बीच लगभग एक महीने का गैप है। खिलाड़ी अपने परिवार के साथ ट्रैवल करेंगे।”

बोर्ड अधिकारी ने ये भी बताया कि यूके रवाना होने से पहले भारतीय टीम के खिलाड़ियों का वैक्सिनेशन कराया जाएगा। उन्होंने कहा, “भारत सरकार ने 18 साल से ज्यादा उम्र के लोगों के लिए वैक्सिनेशन शुरू कर दिया है इसलिए खिलाड़ी अपना पहला डोज ले सकते हैं लेकिन दूसरे डोज पर सवाल खड़ा होगा है। हालांकि बीसीसीआई इंग्लैंड बोर्ड के साथ मिलकर खिलाड़ियों को यूके में दूसरा डोज दिलाने पर काम कर रही है लेकिन अगर यूके सरकार इसकी इजाजत नहीं देती है हमें दूसरे डोज के लिए भारत से वैक्सीन लेनी पड़ेगी। देखते हैं कि आगे क्या होता है।”