हिरोशिमा: कप्तान रानी रामपाल के गोल के बाद ड्रैग फ्लिकर गुरजीत कौर के दो गोल की बदौलत भारत ने रविवार को यहां फाइनल में मेजबान जापान को 3-1 से हराकर महिला एफआईएच सीरीज फाइनल्स हॉकी टूर्नामेंट अपने नाम किया. वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को भारतीय महिला हाकी टीम को एफआईएच सीरीज फाइनल्स टूर्नामेंट जीतने पर बधाई दी और कहा कि यह जीत युवा खिलाड़ियों को इस खेल में अच्छा खेलने के लिए प्रेरित करेगी. मोदी ने ट्वीट किया, ”असाधारण खेल, शानदार नतीजा. हमारी टीम को महिला एफआईएच सीरीज फाइनल्स हाकी टूर्नामेंट जीतने के लिए बधाई.”

प्रधानमंत्री ने कहा कि यह जीत हॉकी को और लोकप्रिय बनाएंगी और कई युवा बालिकाओं को इस खेल में बेहतर करने के लिए प्रेरित करेगी. भारतीय महिला टीम ने इस टूर्नामेंट के फाइनल में पहुंचकर 2020 ओलंपिक क्वालीफायर के अंतिम दौर में स्थान सुनिश्चित कर लिया था.

डिफेंडर गुरजीत कौर के दो शानदार गोल की बदौलत भारतीय टीम ने रविवार को यहां मेजबान जापान को 3-1 से मात देकर एफआईएच विमेंस सीरीज फाइनल्स का खिताब अपने नाम किया. भारत के लिए इस मैच में गुरजीत के अलावा कप्तान रानी रामपाल ने गोल किया, जिन्हें टूर्नामेंट का सबसे बेहतरीन खिलाड़ी भी चुना गया. शानदार फॉर्म में चल रही गुजरीत टूर्नामेंट की टॉप स्कोरर रही.

भारतीय महिला टीम ने हिरोशिमा हॉकी स्टेडियम में एशियाई चैम्पियन पर शानदार जीत हासिल की. कप्तान रानी ने तीसरे ही मिनट में ही भारत को बढ़त दिला दी, लेकिन कानोन मोरी ने जापान के लिए 11वें मिनट में गोल कर बराबरी दिला दी. इसके बाद गुरजीत ने 45वें और 60वें मिनट में गोल कर टीम की जीत सुनिश्वित की. इस टूनामेंट के सेमीफाइनल में शनिवार को चिली को 4-2 से हराने के साथ ही भारत ने ओलम्पिक क्वालीफायर के लिए क्वालीफाई किया था. ओलम्पिक क्वालीफायर इस साल के अंत में ओयोजित होंगे.

भारत ने मेजबान टीम के खिलाफ दमदार शुरुआत की और तीसरे मिनट में ही टीम को पेनाल्टी कॉर्नर मिला. कप्तान रानी ने गोल करते हुए भारत को 1-0 की बढ़त दिला दी. दुनिया की नौंवे नंबर की भारतीय टीम इस टूर्नामेंट के फाइनल में पहुंचकर पहले ही 2020 ओलंपिक क्वालीफायर के अंतिम दौर के लिए क्वालीफाई कर चुकी थी. रानी टूर्नामेंट की सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी चुनी गई, जबकि गुरजीत शीर्ष स्कोरर रहीं.

भारतीय कप्तान ने जापानी गोलकीपर अकियो टनाका को दांई ओर से पछाड़कर गोल दागकर टीम को आगे कर दिया.
भारत ने दबदबा बरकरार रखते हुए 9 वें मिनट मे दूसरा पेनल्टी कार्नर हासिल किया लेकिन फाउल कर बैठी. जापान की टीम मौके नहीं बना पा रही थी और उसने पहले 15 मिनट में केवल दो बार ही भारतीय सर्कल में प्रवेश किया. पर दूसरी बार जब टीम सर्कल के अंदर पहुंची तो जापानी फारवर्ड पंक्ति ने मिलकर गोल में पहले शाट पर ही बराबरी गोल दाग दिया.

कानोन मोरी के डिफ्लेक्शन शाट का भारतीय गोलकीपर सविता बचाव नहीं कर सकी. दूसरे क्वार्टर में वंदना कटारिया ने 18वें मिनट में गोल करने का शानदार मौका गंवा दिया जिनका शाट गोल से बाहर चला गया.

पहला क्वार्टर समाप्त होने से पहले जापान भी वापसी करने में कामयाब रही. 11वें मिनट में फील्ड गोल के जरिए मेजबान टीम ने 1-1 की बराबरी की. जापान के लिए यह गोल केनॉन मोरी ने किया.

दूसरे क्वार्टर में कोई गोल नहीं हुआ, लेकिन भारत ने अधिक समय तक गेंद पर नियंत्रण जरूर बनाए रखा. 18वें मिनट में वंदना कटारिया को एक मौका मिला था. हालांकि, वह गेंद को गोल में नहीं डाल पाई. भारत को तीसरे क्वार्टर में सफलता मिली. क्वार्टर के अंतिम मिनट में भारत को पेनाल्टी कॉर्नर मिला और गुरजीत ने एक शानदार ड्रैग फ्लिक के जरिए गोल करते हुए स्कोर 2-1 कर दिया.

भारत ने 2-1 की बढ़त के साथ अंतिम क्वार्टर में प्रवेश किया. इस क्वार्टर में हालांकि, जापान को बराबरी करने के कई मौके मिले लेकिन मेजबान टीम उन मौकों को भुना नहीं सकी. मैच के समाप्त होने से पहले 60वें मिनट में भारत को एक बार फिर पेनाल्टी कार्नर मिला और इस बार भी गुरजीत नहीं चूकी.

इस बीच, रूस ने चिली को हराकर टूर्नामेंट में तीसरा स्थान हासिल किया. पेनाल्टी शूटआउट तक गए इस मैच में रूस ने 3-1 से जीत दर्ज की. निर्धारित समय तक दोनों टीमें 3-3 की बराबरी पर थीं.

जापान ने लय में आना शुरू कर दिया और उसने कई मौके भी बनाए. पर भारतीय रक्षापंक्ति ने सुनिश्चित किया कि विपक्षी टीम का कोई प्रयास सफल नहीं हो. दोनों टीमें बढ़त बनाने की होड़ में लगी रहीं, इसी दौरान जापान ने दो बार सर्कल में प्रवेश किया और दो शाट लगाए जबकि भारत ने आठ बार सर्कल में सेंध लगाई और पांच शाट लगाए.

भारत को तीसरे क्वार्टर में एक और पेनल्टी कार्नर मिला. ड्रैग फ्लिकर गुरजीत फिर तारणहार निकली, उन्होंने जापानी गोल के बाईं ओर से शाट लगाया और टीम को 2-1 से बढ़त दिला दी. चौथे क्वार्टर में भी गोल करने के लिये मशक्कत जारी रही और अंतिम मिनट में गुरजीत ने पेनल्टी कार्नर पर मैच में दूसरा गोल दागकर स्कोर 3-1 कर दिया और भारतीय टीम को जीत दिलाई.